चीन ने निजी ट्यूटर्स को ऑनलाइन क्लास देने पर लगाई रोक

चीन ने बुधवार को निजी ट्यूटर्स को ऑनलाइन क्लास देने पर रोक लगा दी है। वहीं गैर-पंजीकृत स्थानों जैसे आवासीय भवनों होटलों और कॉफी की दुकानों में कक्षाएं देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। देश सभी लाभकारी ट्यूशन पर रोक लगाने वाली मुहर के प्रयास को तेज कर रहा है।

Ashisha SinghWed, 08 Sep 2021 04:43 PM (IST)
चीन ने निजी ट्यूटर्स को ऑनलाइन क्लास देने पर लगाई रोक

शंघाई, रायटर। चीन ने बुधवार को निजी ट्यूटर्स को ऑनलाइन क्लास देने पर रोक लगा दी है। वहीं गैर-पंजीकृत स्थानों जैसे आवासीय भवनों, होटलों और कॉफी की दुकानों में कक्षाएं देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। देश सभी लाभकारी ट्यूशन पर रोक लगाने वाली मुहर के प्रयास को तेज कर रहा है। बता दें कि कोविड-19 महामारी के कारण शिक्षा प्रणाली पूर्ण रूप से ऑनलाइन माध्यम से चलाई जा रही है। जिसमें निजी ट्यूटर्स भी अपनी क्लास ऑनलाइन चला रहे थे। अधिकारियों ने इस साल बच्चों और अभिभावकों पर दबाव कम करने के प्रयास में स्कूली पाठ्यक्रम के विषयों में लाभकारी शिक्षण पर प्रतिबंध लगा दिया।

एक प्रतिस्पर्धी उच्च शिक्षा प्रणाली ने माता-पिता के साथ शिक्षण सेवाओं को लोकप्रिय बना दिया है, लेकिन सरकार ने कम जन्म दर को कम करने के प्रयास में बच्चे के पालन-पोषण की लागत को कम करने की मांग की है।

मीडिया ने इस सप्ताह विभिन्न तरीकों से रिपोर्ट किया है कि माता-पिता और ट्यूटर नियमों को दरकिनार करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें कुछ एजेंसियां ​​​​लाइव-इन ट्यूटर्स का विज्ञापन कर रही हैं, जिससे वह एक महीने में 30,000 युआन ($ 4,650) तक का वेतन कमा सकते हैं।

शिक्षा मंत्रालय ने नए प्रतिबंध की घोषणा करते हुए एक बयान में कहा, 'कुछ जगहों पर, विषय शिक्षण 'भूमिगत' हो गया है या नियमों से बचने के लिए एक अलग 'साखा' डाल दिया है। इससे नीति के कार्यान्वयन पर असर पड़ा है।'

आपको बता दें कि ट्यूशन पर कार्रवाई ने हांगकांग और न्यूयॉर्क में कारोबार करने वाली ट्यूटरिंग कंपनियों के शेयरों को प्रभावित किया है। जिसमें न्यू ओरिएंटल एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (9901.HK) और Gaotu Techedu Inc (GOTU.N) शामिल हैं ।

क्या कहा मंत्रालय ने

मंत्रालय ने कहा कि ऑफ-कैंपस केंद्र जो स्कूल पाठ्यक्रम पर विषयों में ट्यूशन की पेशकश करते हैं, उन्हें लाइसेंस प्राप्त करने, पंजीकृत स्थानों से संचालित करने और योग्य शिक्षकों को नियुक्त करने की आवश्यकता है। आगे मंत्रालय ने बताया कि नियमों से बचने के प्रयासों में 'हाउसकीपिंग सेवाओं', 'सांस्कृतिक संचार' या 'लाइव-इन ट्यूटर्स' की आड़ में निजी ट्यूटर को काम पर रखना और साथ ही समर कैंप या स्टडी टूर के नाम पर कक्षाएं संचालित करना शामिल है।

मंत्रालय ने कहा कि ऑफलाइन संस्थानों को भी इंस्टेंट मैसेजिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंस या लाइवस्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए स्कूल के बाद ऑनलाइन ट्यूशन करने की अनुमति नहीं होगी। 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.