सुपर सैनिक विकसित करने के लिए मानव परीक्षण में जुटा चीन, शीर्ष अमेरिकी खुफिया अधिकारी के दावे से सनसनी

चीन जैविक रूप से संवर्धित क्षमताओं वाले सुपर सैनिकों के विकास पर काम का रहा है...

दुनिया की सुपर पॉवर बनने के लिए चीन किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। अमेरिका के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने खुलासा किया है कि चीन जैविक रूप से संवर्धित क्षमताओं वाले सुपर सैनिकों के विकास के लिए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी पर परीक्षण कर रहा है।

Publish Date:Sun, 06 Dec 2020 12:14 AM (IST) Author: Krishna Bihari Singh

वाशिंगटन, एएनआइ। अमेरिका के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने बताया है कि चीन जैविक रूप से संवर्धित क्षमताओं वाले सुपर सैनिकों के विकास के लिए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी पर परीक्षण कर रहा है। अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया विभाग के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने वाल स्ट्रीट जर्नल में लिखे एक लेख में यह दावा किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि चीन अमेरिका के लिए एक प्रमुख राष्ट्रीय खतरे के तौर पर उभर रहा है।

अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा

रैटक्लिफ के अनुसार, आज की तारीख में चीन अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद वैश्विक रूप से भी लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए बड़ा खतरा है। हमारी खुफिया सूचना स्पष्ट है। बीजिंग अमेरिका और पूरी दुनिया पर आर्थिक, सैनिक और तकनीकी रूप से अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहता है। रैटक्लिफ के दावे पर उनके कार्यालय या सीआइए ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

जीन एडिटिंग का इस्तेमाल

पिछले साल दो अमेरिकी विद्वानों-एल्सा कानिया और विल्सन वोर्नडिक ने भी एक लेख लिखकर चीन की महत्वाकांक्षी योजना पर प्रकाश डाला था। इसमें उन्होंने कहा था कि चीन लड़ाई के मैदान में जैव प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना चाहता है। उसकी दिलचस्पी मानवों और संभवत: सैनिकों की क्षमता बढ़ाने के लिए जीन संपादन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने में है।

अनैतिक है जीन में बदलाव 

उनका कहना था कि चीन के अनुसंधानकर्ता जीन एडिटिंग टूल-क्लस्टर्स ऑफ रेगुलेटरी इंटरस्पेस्ड शॉर्ट पैलिनड्रोमिक रिपीट्स (सीआरआइएसपीआर) का इस्तेमाल कर रहे हैं। सीआरआइएसपीआर का उपयोग आनुवंशिक बीमारियों के इलाज और वनस्पतियों को उन्नत बनाने में किया जाता है। पश्चिमी विज्ञानी स्वस्थ व्यक्तियों की क्षमता बढ़ाने के लिए जीन में बदलाव को अनैतिक मानते हैं। 

चिनफिंग ने हाल ही में दिया था यह आदेश 

हाल ही में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सशस्त्र बलों को आदेश दिया था कि वे वास्तविक युद्ध की स्थितियों में प्रशिक्षण करें और युद्ध जीतने की क्षमता में इजाफा करें। सनद रहे कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने पीएलए को साल 2027 तक अमेरिकी सेना के समकक्ष बनाने की योजना बनाई है। हालांकि चीन अपनी सेना को मजबूती देने के लिए जिस जीन ए‍डिटिंग का सहारा ले रहा है उसके दुष्‍परिणाम घातक हो सकते हैं। 

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