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चीन में तीन करोड़ लोग कुंवारे, लड़कियों की कमी से चिंता, अविवाहित पुरुषों की संख्या कई देशों की आबादी से भी ज्यादा

लिंगानुपात में अंतर का फिलहाल समाधान निकलने की उम्मीद नहीं

नेशनल ब्यूरो आफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी सातवीं जनगणना रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल चीन में 1.2 करोड़ शिशुओं का जन्म हुआ। इनमें प्रति 100 लड़कियों पर लड़कों की संख्या 111.3 है। 2010 में यह अनुपात 100 लड़कियों पर 118.1 लड़कों का था।

Dhyanendra Singh ChauhanMon, 17 May 2021 04:20 PM (IST)

बीजिंग, एएनआइ। चीन में हाल ही में संपन्न जनगणना से पता चला है कि देश में लगभग तीन करोड़ लोग कुंवारे हैं। यह संख्या कई देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा है। साउथ चाइना मार्निग पोस्ट ने खबर दी है कि चीन में लंबे समय से लड़कों को प्राथमिकता दी जाती रही है। हालिया जनगणना के मुताबिक, लड़कियों के जन्म में मामूली बढ़ोतरी हुई है। लेकिन इसके बावजूद लिंगानुपात में अंतर का फिलहाल समाधान निकलने की उम्मीद नहीं है।

नेशनल ब्यूरो आफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी सातवीं जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल चीन में 1.2 करोड़ शिशुओं का जन्म हुआ। इनमें प्रति 100 लड़कियों पर लड़कों की संख्या 111.3 है। 2010 में यह अनुपात 100 लड़कियों पर 118.1 लड़कों का था। इस तरह लिंगानुपात में मामूली सुधार तो हुआ है, लेकिन अंतर अब भी बहुत ज्यादा है। इसको लेकर प्रोफेसर स्टुअर्ट जिनटेन बैस्टन कहते हैं कि चीन में आम तौर पर लोग अपने से बहुत कम उम्र की लड़कियों से शादी करते हैं। लेकिन जिस तरह लोगों की उम्र बढ़ रही है और भी उम्रदराज लोग मौजूद हैं, जिससे स्थिति गंभीर हुई है।

एक अन्य प्रोफेसर बीजोर्न एल्परमैन बच्चों के विवाह योग्य उम्र में पहुंचने पर दुल्हनों की कमी को लेकर आगाह करते हैं। उन्होंने कहा, यह सच है कि पिछले साल 1.2 करोड़ शिशुओं ने जन्म लिया है। लेकिन, ये लोग जब बड़े होंगे तो 6,00,000 लड़कों को विवाह के लिए दुल्हन नहीं मिलेगी।

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