कॉफी की 60 फीसद जंगली प्रजातियां जलवायु परिवर्तन के चलते खत्म होने के कगार पर

द न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन। हालिया अध्ययन के मुताबिक, दुनिया में कॉफी की ज्ञात 124 जंगली प्रजातियों में से करीब 60 फीसद प्रजातियां लुप्त होने के कगार पर हैं। जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़ता तापमान इस संकट का कारण है।

भविष्य में कॉफी के अस्तित्व को बचाने में मददगार हो सकती हैं जंगली प्रजातियां

ब्रिटिश वैज्ञानिक आरोन डेविस पिछले 30 साल से कॉफी की प्रजातियों पर अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने पाया कि कॉफी की ऐसी दर्जनों प्रजातियां लुप्त होने के कगार पर हैं, जो वनों में पैदा होती हैं। जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई के कारण यह स्थिति बन रही है।

उन्होंने कहा कि इन जंगली प्रजातियों का लुप्त होना इसलिए चिंताजनक है, क्योंकि ग्लोबल वार्मिग के दौर में कॉफी के अस्तित्व को बचाए रखने में जंगली प्रजातियों का अहम योगदान हो सकता है। वैज्ञानिक इनके जीन की मदद से ऐसी प्रजातियां विकसित कर सकते हैं, जिन्हें ज्यादा गर्म क्षेत्रों में उगाया जा सके। कॉफी की इन प्रजातियों के लुप्त होने से भविष्य में कॉफी पर निर्भर कई लोगों के समक्ष आजीविका का संकट भी पैदा हो सकता है।

डेविस ने कहा, 'कई ऐसी प्रजातियां हैं, जिनमें सूखे से और पौधों को होने वाली कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है। अगर लापरवाही के चलते ये प्रजातियां नष्ट हो गई, तो भविष्य में हम बहुत कुछ खो देंगे।'

उन्होंने बताया कि इन जंगली प्रजातियों में से ज्यादातर का इस्तेमाल आमतौर पर नहीं होता है, लेकिन इनके बीज को संरक्षित किया जाना चाहिए। भविष्य में कॉफी को बचाए रखने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

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