अमेरिका में भारतीय NGO अक्षय पात्र की CEO वंदना तिलक बोलीं- अन्याय है बच्चों का भूखा रहना

अमेरिका में अक्षय पात्र की सीईओ वंदना तिलक का बयान।
Publish Date:Sat, 26 Sep 2020 02:58 PM (IST) Author: Shashank Pandey

वाशिंगटन, प्रेट्र। भारतीय गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की अमेरिका प्रमुख ने कहा कि बच्चों का भूखा रहना अन्याय है। यह संगठन भारत में बड़े पैमाने पर स्कूली बच्चों को भोजन मुहैया कराता है। अमेरिका में 'अक्षय पात्र' की सीईओ वंदना तिलक ने व‌र्ल्ड हिंदू काउंसिल ऑफ अमेरिका (वीएचपीए) की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में यह बात कही।

उन्होंने सेवा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि अक्षय पात्र की ओर से भारत के 15 राज्यों में 19,500 सरकारी स्कूलों में प्रतिदिन 18 लाख शाकाहारी भोजन परोसा जा रहा है। भारत में 26 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बाद जहां-तहां फंसे प्रवासी मजदूरों को 82 लाख भोजन परोसा गया।

उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए एक अवसर है, लाभार्थियों के लिए नहीं। ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि सेवा में अहंकार के लिए कोई जगह नहीं होती। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 3,200 लोगों ने भाग लिया। इस दौरान 3डी सिस्टम्स के सीईओ व्योमेश जोशी ने 'विश्वनीय नेतृत्व' पर बात की। जोशी ने बताया कि कैसे हिंदू धर्मग्रंथों से उन्हें अग्रणी वैश्विक कंपनियों के साथ काम करने और असफलताओं से निपटने के लिए मार्गदर्शन मिला।

13 करोड़ लोगों को भुखमरी की ओर धकेल सकता है कोरोना

इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने कहा था कि कोरोना महामारी इस साल करीब 13 करोड़ लोगों को भुखमरी की ओर धकेल सकती है। संयुक्त राष्ट्र की मानें तो पिछले साल दुनियाभर में भुखमरी के कगार पर पहुंचे लोगों की संख्या में करीब एक करोड़ का इजाफा हुआ था। संयुक्‍त राष्‍ट्र ने यह आकलन खाद्य सुरक्षा एवं पोषण की स्थिति पर हालिया रिपोर्ट के बाद जारी किया है। संयुक्‍त राष्‍ट्र की पांच एजेंसियों की ओर से यह रिपोर्ट को सोमवार को जारी की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में मौजूदा आर्थिक परिदृश्य बताते हैं कि महामारी के कारण साल 2020 में कुपोषण तालिका में 8.3 करोड़ से 13.2 करोड़ लोगों का इजाफा हो सकता है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.