गर्भवती महिलाओं के लिए भी जरूरी है टीकाकरण, संक्रमण से बचने का देता है सुरक्षा कवच

गर्भावस्था के दौरान इम्यून सिस्टम के संतुलन को देखते हुए टीके का महत्व और बढ़ जाता है। टीका इम्यून सिस्टम को सक्रिय कर देता है। हमारा शरीर उस वायरस के संभावित खतरे से खुद को बचाने के लिए तैयार होता है।

Sanjay PokhriyalFri, 15 Oct 2021 01:14 PM (IST)
गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण की दर बहुत धीमी है।

वाशिंगटन, प्रेट्र। दुनिया में कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण शुरू हुए सालभर हो गया है। इस दौरान टीके के प्रभाव-दुष्प्रभाव पर कई अध्ययन आ चुके हैं। हर शोध में पाया गया है कि टीके सुरक्षित हैं और बड़ी आबादी को संक्रमण से बचाते हैं। इसके बावजूद गर्भवती और स्तनपान करा रही महिलाओं में टीकाकरण की दर बहुत धीमी है। अमेरिका में सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने हाल ही में इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है, जिसमें टीके की उपयोगिता पर जोर दिया गया है। अमेरिका की इमोरी यूनिवर्सिटी के इम्युनोलाजिस्ट मैथ्यू वुडरफ ने इस संबंध में कुछ अहम तथ्यों को सामने रखा है।

टीके से बना रखी है दूरी : सीडीसी की एडवाइजरी में बताया गया है कि सामान्य महिलाओं की तुलना में गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण आधा है। अलग-अलग समुदायों के हिसाब से भी इसमें अंतर पाया गया। अश्वेतों में 16 प्रतिशत से भी कम गर्भवती महिलाओं ने टीका लगवाया है। भारत में इस संबंध में भले कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन यहां भी स्थिति बहुत अलग नहीं है।

अलग तरह से काम करता है इम्यून सिस्टम : गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का इम्यून सिस्टम अलग तरह से काम करता है। सामान्य तौर पर किसी बाहरी बैक्टीरिया के प्रवेश पर प्रतिक्रिया देने वाला इम्यून सिस्टम एक संतुलन बनाते हुए शरीर में एक बच्चे को पलने और बढ़ने का मौका देता है। ऐसी स्थिति में कोई गंभीर संक्रमण इम्यून सिस्टम के इस संतुलन को बिगाड़ सकता है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। कोरोना का संक्रमण भी इतना ही घातक है।

संक्रमण से बचने का सुरक्षा कवच देता है टीका : गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण के बाद यदि शरीर पर कोरोना वायरस का हमला होता है, तो खतरा कम रहता है। निश्चित तौर पर यह गर्भ में पल रहे बच्चे की भी सुरक्षा करता है। भले ही कोई वैक्सीन 100 प्रतिशत प्रभावी न हो, लेकिन उससे मिलने वाली थोड़ी सी सुरक्षा भी फायदा पहुंचाती है।

मां को लगे टीके से बच्चे को भी होता है फायदा : एक अध्ययन में सामने आया है कि टीका मां के साथ-साथ बच्चे को भी फायदा पहुंचाता है। मां के शरीर में बनी एंटीबाडी गर्भनाल के रास्ते बच्चे तक भी पहुंचती है। यह खोज बहुत अहम है। गर्भावस्था के दौरान तो मां से बच्चे में संक्रमण का खतरा नहीं रहता है, लेकिन जन्म के समय बच्चा संक्रमित हो सकता है। ऐसे में मां से मिली एंटीबाडी उसके लिए सुरक्षा चक्र का काम करती है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.