अमेरिका ने भारत पर जताया भरोसा, करेगा मिसाइल रक्षा सहयोग

वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझीदारी प्रगाढ़ करने के लिए ट्रंप प्रशासन भारत के साथ मिसाइल रक्षा सहयोग करने की तैयारी में है। इस मसले पर उसने भारत के साथ चर्चा भी की है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका की रणनीति के लिहाज से भारत अहम है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गुरुवार को जारी की गई 81 पेज की मिसाइल रक्षा समीक्षा रिपोर्ट में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की यह घोषणा काफी अहम मानी जा रही है। दरअसल, भारत ने जब रूस के साथ एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए पांच अरब डॉलर का करार किया था, तब अमेरिका ने खुले तौर पर नाखुशी जाहिर की थी।

पेंटागन ने कहा है कि आक्रामक मिसाइल क्षमताओं से पैदा होने वाले खतरे अब दुनिया के कुछ भाग तक सीमित नहीं रह गए हैं। दक्षिण एशिया में अब ऐसे कई देश हैं, जो उन्नत बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें विकसित कर रहे हैं। पेंटागन ने कहा, 'इसके मद्देनजर अमेरिका ने भारत के साथ संभावित मिसाइल रक्षा सहयोग पर बातचीत की है। भारत बड़ा रक्षा साझीदार और हमारी हिंद-प्रशांत रणनीति का अहम हिस्सा है।' रिपोर्ट में रूस और चीन के मिसाइल विकास कार्यक्रमों का भी जिक्र किया गया है। इनकी पहचान अमेरिका के लिए बड़े खतरे के तौर पर की गई है।

अमेरिका ने पहले किया था इन्कार
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने कई साल पहले अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली खासकर टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम यानी थाड में रुचि दिखाई थी। लेकिन पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन भारत के साथ अपनी उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली साझा करने का इच्छुक नहीं था। इसके बाद भारत ने मिसाइल रक्षा प्रणाली हासिल करने के लिए रूस के साथ करार किया।

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