अमेरिका में सत्ता पक्ष व विपक्ष की भारत को प्रतिबंध से छूट देने की मांग, काटसा कानून पर बाइडन को लिखा पत्र

अमेरिकी संसद सीनेट के दो प्रभावशाली सांसदों ने राष्ट्रपति जो बाइडन को पत्र लिखकर भारत के खिलाफ काटसा (काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट) के तहत प्रतिबंध न लगाने का आग्रह किया है। कहा है कि भारत के खिलाफ प्रतिबंध का कदम अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के खिलाफ होगा।

TaniskWed, 27 Oct 2021 07:10 PM (IST)
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन । (फाइल फोटो)

वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिकी संसद सीनेट के दो प्रभावशाली सांसदों ने राष्ट्रपति जो बाइडन को पत्र लिखकर भारत के खिलाफ काटसा (काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट) के तहत प्रतिबंध न लगाने का आग्रह किया है। कहा है कि भारत के खिलाफ प्रतिबंध का कदम अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के खिलाफ होगा। भारत पर यह प्रतिबंध रूसी एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 की खरीद पर लग सकता है। नाटो का सदस्य देश तुर्की इसी डिफेंस सिस्टम की खरीद के कारण काटसा के तहत प्रतिबंध झेल रहा है।

सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसद मार्क वार्नर और विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सांसद जान कार्निन ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि राष्ट्रीय हित के मद्देनजर वह भारत को काटसा के तहत कार्रवाई से मुक्त रखें। दोनों सांसदों ने कहा है कि एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए भारत के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। क्योंकि भारत के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई अमेरिका के राष्ट्रीय हित के खिलाफ होगी। काटसा कानून में अधिकार है कि राष्ट्रपति चाहें तो वह किसी देश को इसके प्रतिबंधों से मुक्त रख सकते हैं। दोनों सांसद सीनेट में इंडिया काकस के सह संयोजक हैं। अमेरिकी संसद में किसी खास देश के समर्थन में कार्य करने वाला सत्तारूढ़ और विपक्ष के सांसदों का यह अकेला काकस (समर्थक समूह) है।

पत्र में कहा गया है कि भारत और रूस के बीच हुए पांच अरब डालर (करीब 40 हजार करोड़ रुपये) के डिफेंस सिस्टम खरीद के सौदे को रोकने के लिए अमेरिका ने हर संभव प्रयास किए। भारतीय अधिकारियों को इसके दुष्परिणामों के बारे में भी बताया लेकिन बात नहीं बनी। बावजूद इसके अमेरिकी हितों को देखते हुए भारत के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। उल्लेखनीय है कि एस-400 सिस्टम को दुनिया का सर्वोत्कृष्ट एयर डिफेंस सिस्टम माना जाता है।

2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे और इसके बाद 2016 में अमेरिकी चुनाव में रूसी हस्तक्षेप के संकेत के बाद अमेरिका ने रूस से रक्षा खरीद या रक्षा संपर्क के खिलाफ काटसा कानून बनाया था। यह रूस के साथ ही उससे हथियार या अन्य रक्षा उपकरण या खुफिया सूचनाओं का लेन-देन करने वाले देश पर समान रूप से लागू होता है। इसके तहत खरीदार देश पर अमेरिकी व्यवस्था के तहत प्रतिबंध लागू हो जाते हैं। संवेदनशील रक्षा उपकरणों के सौदों और उच्च तकनीक के हस्तांतरण पर रोक लग जाती है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.