बाइडन ने शरणार्थियों की सीमा नहीं बढ़ाने के फैसले का किया बचाव, बताई लाचारी, जानें क्‍या कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिका आने वाले शरणार्थियों की सीमा नहीं बढ़ाने के फैसले का बचाव किया है।

Refugee Cap in US अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (US President Joe Biden) ने अमेरिका आने वाले शरणार्थियों की सीमा नहीं बढ़ाने के फैसले का बचाव किया है। डेलावेयर में संवाददाताओं से बात करते हुए जानें अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्‍या कहा...

Krishna Bihari SinghSun, 18 Apr 2021 04:19 PM (IST)

वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिका आने वाले शरणार्थियों की सीमा नहीं बढ़ाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि उनका प्रशासन एक समय में दो काम नहीं कर सकता। डेलावेयर में संवाददाताओं से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दक्षिणी अमेरिकी सीमा पर बेसहारा बाल प्रवासियों में बढ़ोतरी के चलते शरणार्थी पुनर्वास कार्यालय पर पहले ही काफी बोझ है। इसे देखते हुए उनका प्रशासन अमेरिका आने वाले शरणार्थियों की सीमा को तत्काल नहीं बढ़ा सकता।

यह दी दलील

बाइडन ने कहा, हम संख्या बढ़ाने जा रहे हैं लेकिन मुसीबत ये है कि सीमा पर युवाओं के आने का संकट है। एक समय में हम दो काम नहीं कर सकते। हालांकि, अब हम संख्या बढ़ाएंगे। द हिल के अनुसार, व्हाइट हाउस ने एक दिन पहले ही पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय शरणार्थियों की अनुमति प्राप्त संख्या को पलट दिया था। इसके बाद बाइडन की यह टिप्पणी आई है। डेमोक्रेटिक पार्टी शरणार्थियों की ज्यादा संख्या को अमेरिका आने की अनुमति देने के पक्ष में है।

अफगानिस्तान से वापसी पर सलाह की अनदेखी

अमेरिका के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने अफगानिस्तान से सैनिकों की पूर्ण वापसी नहीं करने की सलाह दी थी। उन्होंने पहले शांति समझौता करने की सिफारिश की थी। लेकिन राष्ट्रपति बाइडन ने उनके सुझावों पर ध्यान नहीं दिया। वाल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से स्पुतनिक ने खबर दी है कि शीर्ष कमांडर जनरल फ्रैंक मैकेंजी, जनरल आस्टिन स्काट मिलर और जनरल मार्क मिले ने मौजूदा 2,500 सैनिकों को अफगानिस्तान में बनाए रखने का सुझाव दिया था। उनका मानना था कि इसके बदले शांति समझौते के लिए कूटनीतिक प्रयास बढ़ाया जाना चाहिए।

नवलनी के साथ हो रहा अनुचित बर्ताव

अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा है कि रूस में विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी के साथ अनुचित बर्ताव हो रहा है। नवलनी इस समय ढाई साल जेल की सजा काट रहे हैं। बाइडन से नवलनी की हिरासत की स्थितियों के बारे में पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह अनुचित और अनुपयुक्त है। रूसी अधिकारियों ने नवलनी को अपने पसंद के डॉक्टर से मिलने की इजाजत नहीं दी। इसके बाद मार्च के अंत से ही रूसी नेता भूख हड़ताल पर हैं। नवलनी को पीठ और पैर में दर्द की शिकायत है। उन्होंने जेल अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए डाक्टर से इलाज करवाने से मना कर दिया है।

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