ट्रंप-बिडेन की अंतिम चुनावी बहस में पहली बहस के मुकाबले दर्शकों की संख्‍या में एक करोड़ की कमी

पिछले महीने हुई पहली बहस को 7 करोड़ 31 लाख लोगों ने देखा था
Publish Date:Sat, 24 Oct 2020 12:28 PM (IST) Author: Tilak Raj

लास एंजिलिस, आइएएनएस। अमेरिका में राष्‍ट्रपति पद के लिए होने जा रहे चुनाव की गूंज पूरे विश्‍व में सुनाई दे रही है। हालांकि, अमेरिका के नागरिकों की रुचि चुनावों को लेकर कुछ कम होती नजर आ रही है। दरअसल, यह हम इसलिए कह रहे हैं, क्‍योंकि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उनके प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन के बीच हुई अंतिम चुनावी बहस को देखने वालों की संख्या पहली बहस के दर्शकों के मुकाबले लगभग एक करोड़ कम रही।

पहली बहस को 7 करोड़ 31 लाख लोगों ने देखा था

सर्वे कंपनी नील्सन ने बताया कि गुरुवार की रात राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों के बीच हुई अंतिम चुनावी बहस को लगभग 6 करोड़ 30 लाख लोगों ने देखा। इस बहस का आयोजन टेनेसी के नैशविले में स्थित बेलमोंट विश्वविद्यालय में किया गया था। बहस को 15 नेटवर्कों पर प्रसारित किया गया था। दोनों नेताओं के बीच पिछले महीने हुई पहली बहस को 7 करोड़ 31 लाख लोगों ने देखा था।

ट्रंप के कोरोना पाजिटिव होने के बाद रद की गई थी दूसरी बहस

ट्रंप के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद दूसरी बहस को रद कर दिया गया था। इसकी जगह ‘टाउन हॉल’ बैठकें आयोजित की गई थीं। इन दोनों बैठकों को 2 करोड़ 76 लाख लोगों ने देखा था। बिडेन की टाउन हॉल बैठक को 1 करोड़ 41 लाख, जबकि ट्रंप की बैठक को 1 करोड़ 35 लाख लोगों ने देखा था। इन बैठकों के दौरान दोनों उम्मीदवारों ने स्वास्थ्य देखभाल और ऊर्जा नीति के अलावा राष्ट्रपति के तौर पर कोरोना वायरस से निपटने के ट्रंप के तरीके पर चर्चा की गई थी। दोनों नेताओं के बीच बाइडेन के बेटे के कारोबारी संबंधों को लेकर भी बहस हुई थी।

आखिरी बहस में वैक्सीन पर भिड़े ट्रंप और बिडेन

अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से महज दस दिन पहले हुई आखिरी बहस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन कोरोना वैक्सीन पर भिड़ गए। दोनों में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई। ट्रंप ने दावा किया कि कोरोना वैक्सीन जल्द आने वाली है। इस पर बिडेन ने कहा कि अगले वर्ष मध्य तक इसकी कोई उम्मीद नहीं है। प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों के बीच नस्ली भेदभाव, भ्रष्टाचार और जलवायु परिवर्तन समेत कई मसलों पर तीखी तकरार देखने को मिली।

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