US President Biden can meet Putin soon: जल्‍द मिल सकते हैं अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन और पुतिन, तल्‍ख रिश्‍तों में हो सकता सुधार

जल्‍द मिल सकते हैं अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन और पुतिन, तल्‍ख रिश्‍तों में हो सकता सुधार। फाइल फोटो।

अमेरिका और रूस के बीच तल्‍ख रिश्‍तों में नरमी आ सकती है। राष्‍ट्रपति बाइडन ने दोनों देशों के संबंधों में सुधार की पहल करते हुए रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन को न्‍यौता भेजा है। इससे यह उम्‍मीद बंध गई है कि दोनों देशों के बीच संबंध सुधर सकते हैं।

Ramesh MishraSat, 08 May 2021 03:58 PM (IST)

वाशिंगटन, एजेंसी।  US President Biden can meet Putin soon: अमेरिका और रूस के बीच तल्‍ख रिश्‍तों में नरमी आ सकती है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने दोनों देशों के संबंधों में सुधार की पहल करते हुए रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन को न्‍यौता भेजा है। इससे यह उम्‍मीद बंध गई है कि दोनों देशों के नेता संबंधों को सुधारने के लिए एक मंच साझा कर सकते हैं। यह जानकारी व्‍हाइट हाउस की तरफ से दी गई है। इसमें कहा गया है कि रूस की राष्‍ट्रप‍ति पुतिन और अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन के बीच मुलाकत हो सकती है। व्‍हाइट हाउस ने कहा है कि जल्‍द ही दो बड़ी महाशक्तियों के नेताओं की प्रस्‍तावित बैठक पर फैसला लिया जाएगा।

फ‍िलहाल इस बैठक की कोई तारिख तय नहीं

व्‍हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बाइडन का मानना है कि अगर उनकी बैठक रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन से होती है तो यह दोनों देशों के लिए चल रहे तनाव को खत्‍म करने और रिश्‍तों में सकारात्‍मक पहल को लेकर होगी। हालांकि, व्‍हाइट हाउस की अपनी रोजना होने वाली प्रेस वार्ता में सेक्रेटरी जेन साकी ने कहा है कि फ‍िलहाल इस बैठक की कोई तारिख तय नहीं हुई है। राष्‍ट्रपति बाइडन ने रूस के राष्‍ट्रपति पुतिन को इस बैठक के लिए आमंत्रित किया है। बाइडन का मानना है कि दोनों देशों के रिश्‍तों की बेहतरी के लिए यह बैठक काफी उपयोगी और अहम है।

व्‍हाइट हाउस तय कर रहा है वार्ता का एजेंडा

व्‍हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि स्‍टाफ लेवल पर चर्चा चल रही है। वार्ता का एजेंडा तय किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि रूस की तरफ से उठाए कदम जो अमेरिका की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाते हैं अपने राष्‍ट्रहितों की रक्षा करेंगे। इसके पूर्व पिछले महीने राष्‍ट्रपति बाइडन ने पुतिन से फोन पर बात की थी। उन्‍होंने यूक्रेन और क्रीमिया पर अचानक होने वाली रूसी सेना की गतिविधियों को लेकर चिंता प्रकट की थी। इसके अलावा दोनों देशों के बीच बैठक की कई वजह मानी जा रही हैं। इसमें अमेरिका की तरफ से 32 रूस की संस्‍थाओं पर लगाए गए बैन और 2020 के चुनाव में रूस का शामिल होना और अमेरिका नेटवर्क की सप्‍लाई चैन सॉफ्टवेयर हैंकिंग जैसे मुद्दे हैं। हालांकि, रूस इन आरोपों को नकाराता रहा है।

 

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