चीन में काम करने वाले विदेशी पत्रकारों को मिल रही हैं जान से मारने की धमकियां, ड्रैगन की कथनी करनी में फर्क- यूएस

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में चीन की कड़ी आलोचना की है। अमेरिका का कहना है कि चीन एक तरफ अपने यहां पर विदेशी मीडिया के स्‍वागत का दिखावा करता है तो दूसरी तरफ वहां पर पत्रकारों को धमकियां दी जाती हैं।

Kamal VermaFri, 30 Jul 2021 10:03 AM (IST)
अमेरिका ने की चीन की कड़ी आलोचना

वाशिंगटन (एएनआई)। अमेरिका ने चीन में बाढ़ समेत अन्‍य राजनीतिक गतिविधियां कवर करने वाले विदेशी पत्रकारों से चीन के बर्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है। अमेरिका ने साफ कहा है कि वैसे तो चीन अपने यहां पर कवरेज के लिए अमेरिकी समेत विदेशी पत्रकारों का स्‍वागत करता है लेकिन हकीकत इसके बिल्‍कुल उलट है। चीन विदेशी पत्रकारों को स्‍वतंत्र रूप से काम नहीं करने देता है। इतना ही नहीं पत्रकारों को चीन में कठोर निगरानी, उत्पीड़न और धमकियों के बीच काम करना होता है। अमेरिका के मुताबिक कई अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया संस्‍थानों ने हुनान प्रांत में बाढ़ की कवरेज के दौरान पत्रकारों को परेशान किए जाने की जानकारी दी है।

अमेरिका के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा है कि चीन अपने खिलाफ हुई खबरों पर बेहद कठोर बयानबाजी कर माहौल को तनावपूर्ण करने का काम करता है। चीन की तरफ से ऐसी खबरों पर बेहद नकारात्‍मक टिप्‍पणी की जाती हैं। इतना ही नहीं इस तरह की खबरों को कवर करने वालों को ऑनलाइन जान से मारने की धमकी दी जाती है।

चीन में विदेशी पत्रकार बेहद खराब हालातों में अपने काम को अंजाम देते हैं। स्‍टेट डिपार्टमेंट की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि चीन में विदेशी पत्रकारों को वीजा देने से इनकार कर दिया जाता है। वहां पर स्‍वतंत्र रूप से अपने काम को अंजाम देना बेहद मुश्किल है। विदेश मंत्रालय की तरफ से इस बात की भी उम्‍मीद जताई गई है कि बीजिंग में 2022 में होने वाले विंटर ओलंपिक एंड पेरालंपिक गेम्‍स के दौरान चीन पत्रकारों के प्रति अपनी भूमिका को समझेगा और विदेशी मीडिया का स्‍वागत करेगा।

गौरतलब है कि चीन में आई बाढ़ की खबरों के लिए के लिए चीन ने विदेशी मीडिया को आड़े हाथों लिया है। हुनान प्रांत के झेंगझाओ शहर में विदेशी पत्रकारों को चीनी नागरिकों द्वारा प्रताडि़त किए जाने की कई खबरें सामने आई हैं। हांगकांग फ्री प्रेस के मुताबिक चीन के सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म वीबो पर अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया की जमकर आलोचना की गई है। इसमें कहा गया है कि चीन को गलत तरह से खबरों में पेश किया जा रहा है।

इसमें खासतौर पर चीन में मौजूद बीबीसी के पत्रकार रोबिन ब्रांट को निशाना बनाया गया है। उन्‍होंने अपनी खबरों में चीन की सरकारी नीतियों पर सवाल उठाए थे। गौरतलब है कि चीन में शी चिनफिंग के सत्‍ता में आने के बाद पत्रकारों पर जबरदस्‍त अंकुश लगा हुआ है। यहां पर सरकार के खिलाफ खबर देने वालों को जेल तक हो रही है।

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