अमेरिकी समिति ने भारत के साथ सुरक्षा संबंध बढ़ाने पर दिया जोर, कहा- परामर्श और सहयोग बढ़ाना चाहिए

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन। (फोटो: दैनिक जागरण/फाइल)

सीनेट की विदेश संबंध समिति ने भारी बहुमत से दी विधेयक को मंजूरी। विधेयक के अनुसार अमेरिका को भारत के साथ परामर्श और सहयोग बढ़ाना चाहिए। क्वाड समूह को समर्थन देने और भारत के साथ सुरक्षा संबंध बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

Shashank PandeyThu, 22 Apr 2021 03:00 PM (IST)

वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका की एक शक्तिशाली संसदीय समिति ने भारी बहुमत से चीन रणनीतिक प्रतिस्पर्धा विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसमें अन्य बातों के अलावा क्वाड समूह को समर्थन देने और भारत के साथ सुरक्षा संबंध बढ़ाने पर जोर दिया गया है। क्वाड भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान का गठबंधन है। 2007 में इसके गठन के बाद से चारों देशों के प्रतिनिधि नियमित अंतराल पर मिलते रहे हैं। पिछले महीने चारों देशों के शीर्ष नेताओं का ऐतिहासिक वर्चुअल सम्मेलन हुआ था, जिसकी मेजबानी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने की थी।

सीनेट की विदेश संबंध समिति ने तीन घंटे तक चली बहस और कई संशोधनों के बाद 21-1 के भारी बहुमत से रणनीतिक प्रतिस्पर्धा विधेयक को स्वीकार कर लिया। विधेयक में कहा गया है कि अमेरिका को भारत के साथ व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझीदारी के प्रति प्रतिबद्ध होना चाहिए। इसके अलावा द्विपक्षीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी परामर्श और सहयोग बढ़ाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि अमेरिका को भारत के साथ बातचीत कर उन क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए, जिसमें वह उसकी मदद कर सकता है।

इससे भारत, चीन से उत्पन्न चुनौतियों का मुकाबला कर सकेगा। सीनेटर जिम रिच और बाब मेनेंज ने इस विधेयक को अभूतपूर्व बताया है। इसमें अमेरिका की सभी रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक नीतियों को हिंद-प्रशांत रणनीति के लिए एकजुट करने को कहा गया है, ताकि आने वाले दशकों में अमेरिका चीन से मिलने वाली चुनौतियों का मुकाबला कर सके।

अमेरिका के इलिनोइस में अप्रैल सिख जागरुकता माह

अमेरिका के इलिनोइस में अप्रैल सिख जागरुकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इसको मान्यता देने के संबंध में संसदीय रिकार्ड में प्रस्ताव दर्ज कराया। उन्होंने सिख जागरुकता माह के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सिख-अमेरिकन समुदाय के साथ घृणा अपराध और हिंसा बढ़ रही है। कृष्णमूर्ति ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि अप्रैल माह को उनके गृह राज्य में सिख जागरुकता माह के रूप में मान्यता दी जाए। यह मान्यता समय की मांग है। सिख समुदाय के साथ बढ़ती हिंसा में ऐसा करके हम उन्हें सम्मान दे सकते हैं। 

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