ट्रंप प्रशासन के दावे से ज्यादा शरणार्थी बच्चे मां-बाप से किए गए थे अलग, जानिए पूरा मामला

द न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन। अमेरिका में पिछले साल हजारों शरणार्थी बच्चों को उनके माता-पिता से जबरन अलग कर दिया गया था। ट्रंप प्रशासन ने 2018 में अवैध शरणार्थियों के खिलाफ 'शून्य सहिष्णुता' की नीति अपनाई थी। इसके तहत मेक्सिको से आने वाले शरणार्थियों को हिरासत में लेकर उन पर मुकदमा चलाया गया था। जबकि उनके बच्चों को आश्रय गृह में भेज दिया गया था।

कई मामलों में अभिभावकों को यह भी नहीं पता था कि उनके बच्चे कहां रखे गए हैं? सरकार का कहना है कि इस तरह करीब तीन हजार बच्चे अपने मां-बाप से अलग हुए थे। लेकिन संघीय हिरासत में बच्चों की देखरेख का जिम्मा संभालने वाले 'डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज' के महानिरीक्षक कार्यालय से जारी रिपोर्ट में सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया गया है। इसके अनुसार शून्य सहिष्णुता नीति लागू होने से पहले ही हजारों शरणार्थी बच्चों को उनके मां-बाप से अलग कर दिया गया था। 2017 में भी कई हजार बच्चे इस तरह अलग किए गए थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आंतरिक सुरक्षा विभाग व अन्य एजेंसियों के बीच सही संचार ना होने के कारण बच्चों की सही संख्या का पता नहीं लग पाया। कोर्ट में अमेरिकन सिविल लिबर्टीज की तरफ से ट्रंप की इस नीति को चुनौती देने वाले ली गेलंर्ट ने कहा, 'इस रिपोर्ट से हमारी आशंका सही हो गई है। हम कोर्ट से अपील करेंगे कि वह सरकार को बच्चों की सही संख्या बताने का आदेश दे।' जून, 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के कदम की आलोचना करते हुए शरणार्थी बच्चों को उनके मां-बाप से मिलाने का आदेश दिया था। उसके बाद भी बीते नवंबर तक 118 शरणार्थी बच्चे मां-बाप से अलग किए गए थे।

एक हफ्ते में चार सौ शरणार्थी हिरासत में
इस हफ्ते की शुरुआत में एरिजोना के पास मेक्सिको की सीमा पार कर अमेरिका में घुसे करीब 400 शरणार्थियों को हिरासत में लिया गया है। ज्यादातर शरणार्थी ग्वाटेमाला के हैं। नेशनल बॉर्डर पेट्रोल काउंसिल के अनुसार पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शरणार्थी अमेरिका में घुस रहे थे।

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