जापान से खाद्य उत्पादों के आयात पर अमेरिका ने हटाया प्रतिबंध, पीएम सुगा ने जताया आभार

Quad Summit अमेरिका ने दो दिन पहले ही जापान से खाद्य उत्पादों के आयात पर अपने सभी प्रतिबंधों को हटा लिया है। अमेरिका फुकुशिमा सहित 14 जापानी प्रान्तों में उत्पादित कुल 100 कृषि उत्पादों का आयात करता था।

Manish PandeySat, 25 Sep 2021 01:05 PM (IST)
फुकुशिमा परमाणु आपदा के मद्देनजर अमेरिका ने लगाया था प्रतिबंध

वाशिंगटन, एएनआइ। जापानी प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा ने 2011 के फुकुशिमा परमाणु आपदा के मद्देनजर जापान से खाद्य उत्पादों के आयात पर लगे प्रतिबंध को हटाने पर क्वाड शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति जो बाइडन को धन्यवाद दिया है। शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम सुगा ने कहा कि मैंने अप्रैल में आपसे इसके लिए अनुरोध किया था और यह एक बहुत बड़ा कदम है जो आपने उठाया है।

क्योडो न्यूज ने जापान के कृषि मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया कि यह अमेरिका ने दो दिन पहले ही जापान से खाद्य उत्पादों के आयात पर अपने सभी प्रतिबंधों को हटा लिया है। अमेरिका फुकुशिमा सहित 14 जापानी प्रान्तों में उत्पादित कुल 100 कृषि उत्पादों का आयात करता था।

क्वाड मीटिंग के दौरान पीएम सुगा ने पहली इन-पर्सन क्वाड मीटिंग के महत्व को भी व्यक्त किया और कहा कि बैठक चार देशों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाती है। भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया के शीर्ष नेतृत्व ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के निमंत्रण पर वाशिंगटन में बैठक की।

सुगा ने कहा, '4 देशों का यह बहुत ही महत्वपूर्ण संगठन मौलिक अधिकारों में विश्वास करता है और उनका विचार है कि इंडो-पैसिफिक को स्वतंत्र और खुला होना चाहिए। आज तक, क्वाड ने बड़े क्षेत्रों में अपना पूर्ण सहयोग दिया है, चाहे वह क्षेत्रीय चुनौतियां हों या कोरोना महामारी। यह शिखर सम्मेलन हमारे चार देशों द्वारा साझा किए गए संबंधों और एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिखर सम्मेलन को संबोधित किया और कहा कि क्वार्ड के चार राष्ट्र मानवता के हित में एक साथ आए हैं जब दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। पीएम ने कहा कि क्वाड वैक्सीन पहल से इंडो-पैसिफिक देशों को मदद मिलेगी। इससे पहले पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान व्यापार,कोरोना महामारी, जलवायु चुनौतियों और हिंद-प्रशांत में स्थिरता सहित द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।

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