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ट्रंप पर महाभियोग की सार्वजनिक सुनवाई: एक अफसर ने सुना था ट्रंप का फोन, राजनयिक ने पेश होकर दी गवाही

वाशिंगटन, एजेंसियां । अमेरिका में (भारतीय समयानुसार बुधवार रात) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक सुनवाई शुरू हो गई। टेलीविजन कैमरे के सामने हो रही सुनवाई की शुरुआत प्रतिनिधि सभा की खुफिया मामलों की संसदीय समिति के प्रमुख एडम स्किफ ने की।

उन्होंने ट्रंप पर व्यक्तिगत हित और राजनीतिक हित साधने के लिए अमेरिका की विदेश नीति के इस्तेमाल के आरोप पर यूक्रेन में अमेरिकी राजदूत विलियम टेलर और वहां तैनात विदेश मंत्रालय के अधिकारी जॉर्ज केंट से सवाल पूछे। टेलर ने बताया कि उनके अधीनस्थ अधिकारी ने ट्रंप का फोन सुना था जिसमें वह पूर्व उप राष्ट्रपति जो बिडेन के खिलाफ जांच के संबंध में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बात कर रहे थे।

अमेरिका में और उसके बाहर करोड़ों लोग इस सार्वजनिक सुनवाई के सजीव प्रसारण को देख रहे हैं। ट्रंप ने महाभियोग की प्रक्रिया को खारिज किया है और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है। सार्वजनिक सुनवाई शुक्रवार को भी होगी। अमेरिका में इससे पहले 1868 में तत्कालीन राष्ट्रपति एंड््रयू जॉनसन, 1974 में रिचर्ड निक्सन और 1998 में बिल क्लिंटन पर महाभियोग चला है। 

बिडेन को फंसाने के लिए फोन का आरोप 

मामला 25 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को किए ट्रंप के फोन से पैदा हुआ। आरोप है कि इस फोन कॉल में रूस के खिलाफ यूक्रेन को मजबूत करने के लिए 2015 में दी गई अमेरिकी सैन्य सहायता में गड़बड़ी की जांच कराने के लिए कहा गया। उस समय अमेरिका के उप राष्ट्रपति जो बिडेन थे, जिन पर सहायता में गड़बड़ी के लिए अंगुली भी उठी थी। माना जा रहा है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में बिडेन डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से प्रत्याशी हो सकते हैं और रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप के लिए कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। 

व्हाइट हाउस कर चुका है खारिज

फोन कॉल से संबंधित एक खुफिया अधिकारी ने व्हिसल ब्लोअर की भूमिका निभाते हुए मामले को सार्वजनिक किया। इसके बाद व्हाइट हाउस ने वार्ता का लिखित मजमून जारी करते हुए आरोप को खारिज करने की कोशिश की। इसके बाद आरोप में दम देखते हुए प्रतिनिधि सभा की सभापति नेंसी पेलोसी ने मामले पर जांच बैठा दी। व्हिसल ब्लोअर की शिकायत पर जब जांच आगे बढ़ी तो राष्ट्रपति कार्यालय ने यह कहकर उसे रोकने की कोशिश की कि जांच में अधिकारियों के बयान दर्ज नहीं किए जा सकते। अधिकारियों को भी जांच में शामिल न होने का आदेश दिया गया। लेकिन सितंबर और अक्टूबर में एक के एक कई अधिकारियों ने संसदीय जांच टीम के समक्ष उपस्थित होकर बंद कमरे में अपने बयान दर्ज कराए। 

ट्रंप ने नहीं देखी महाभियोग की प्रक्रिया

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया के तहत हो रही सार्वजनिक सुनवाई को टेलीविजन पर नहीं देखा। जिस समय सुनवाई चल रही थी उस समय वह ओवल ऑफिस में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त रहे। माना जा रहा है कि बुधवार की सुनवाई उनकी सत्ता के खात्मे की शुरुआत होगी या फिर विपक्ष के आरोप हवा हो जाएंगे और ट्रंप ज्यादा मजबूत बनकर उभरेंगे।

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