PM Modi UNGA Address: अफगानिस्तान, आतंकवाद व कोरोना पर केंद्रित रहा प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 76 वें सत्र को संबोधित करते हुए आंतकवाद कोरोना महामारी और आतंकवाद सहित अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना बहुत जरूरी है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने के लिए न हो।

TaniskSat, 25 Sep 2021 04:14 PM (IST)
यूएनजीए में पीएम मोदी का संबोधन। (फोटो- एएनआइ)

न्यूयार्क, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 76 वें सत्र को संबोधित करते हुए  आंतकवाद, कोरोना महामारी और आतंकवाद सहित अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना बहुत जरूरी है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने और आतंकी हमलों के लिए न हो। हमें इस बात के लिए भी सतर्क रहना होगा वहां कि नाजुक स्थितियों का इस्तेमाल कोई देश अपने स्वार्थ के लिए एक टूल की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश न करे। इस समय अफगानिस्तान की जनता को वहां की महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यक आबादी को मदद की जरूरत है। इसमें हमें अपना दायित्व निभाना ही होगा।

आंतकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना

प्रधानमंत्री मोदी ने आंतकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रतिगामी सोच के साथ, जो देश आतंकवाद का राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें ये समझना होगा कि आतंकवाद, उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है। आज विश्व के सामने प्रतिगामी सोच और चरमपंथ का खतरा बढ़ता जा रहा है। इन परिस्थितियों में, पूरे विश्व को विज्ञान आधारित, तर्कसंगत और प्रगतिशील सोच को विकास का आधार बनाना ही होगा।

ओसियन रिसोर्सेज को हम यूज करें अब्यूज नहीं

चीन का बगैर नाम लिए निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारे समुद्र भी हमारी साझी विरासत है इसलिए हमें ये ध्यान रखना होगा कि ओसियन रिसोर्सेज को हम यूज करें अब्यूज नहीं। हमारे समुद्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन भी हैं। इन्हें हमें एक्सपैंशन और एक्सक्लूजन की दौड़ से बचाकर रखना होगा।

कोरोना टीकाकरण पर बोले पीएम मोदी

कोरोना टीकाकरण को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का वैक्सीन डिलीवरी प्लेटफार्म कोवीन एक ही दिन में करोड़ों वैक्सीन डोज लगाने के लिए डिजीटल सहायता दे रहा है। मैं यूएनजीए को ये जानकारी देना चाहता हूं कि भारत ने दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन विकसीत कर ली है, जिसे 12 साल से ज्यादा आयु के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। भारत के वैज्ञानिक एक नेजल वैक्सीन के निर्माण में भी लगे हैं। मानवता के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए भारत ने एक बार फिर दुनिया के जरूरतमंदों को वैक्सीन देनी शुरू कर दी है। मैं आज दुनियाभर के वैक्सीन मैन्युफैक्चर्स को भी आमंत्रित करता हूं कि आइए और भारत में वैक्सीन बनाइए।

लोकतंत्र की हमारी हजारों वर्षों की महान परंपरा रही है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे उस देश का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसे मदर आफ डेमोक्रेसी का गौरव हासिल है। लोकतंत्र की हमारी हजारों वर्षों की महान परंपरा रही है। इस 15 अगस्त को भारत ने अपनी आज़ादी के 75 वें साल में प्रवेश किया। हमारी विविधता, हमारे सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। एक ऐसा देश जिसमें दर्जनों भाषाएं हैं, सैकड़ों बोलियां हैं, अलग-अलग रहन सहन, खान-पान है। ये वाइब्रेंट डेमोक्रेसी का उदाहरण है। स्वतंत्रता के 75 वर्ष के अवसर पर भारत भारतीय छात्रों द्वारा बनाए गए 75 उपग्रहों को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करने जा रहा है।

विश्व 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी का सामना कर रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76 वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा जो कभी एक रेलवे स्टेशन की टी स्टाल पर अपने पिता की मदद करता था वो आज चौथी बार भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यूएनजीए को संबोधित कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना महामारी को लेकर कहा कि गत डेढ़ वर्ष से पूरा विश्व 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी का सामना कर रहा है। ऐसी भयंकर महामारी में जीवन गंवाने वाले सभी लोगों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं और परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। कोरोना महामारी ने दुनिया को सिखाया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को अब और अधिक विविधतापूर्ण होना चाहिए। सबोधन की शुरुआत में उन्होंने अब्दुल्ला शाहिद को अध्यक्ष पद संभालने के लिए बधाई दी।  

प्रदूषित पानी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रदूषित पानी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या है। इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए, हम भारत भर में 17 करोड़ से अधिक घरों में स्वच्छ, पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा अभियान चला रहे हैं। दुनिया में हर छठा व्यक्ति एक भारतीय है। भारत की प्रगति से वैश्विक विकास में तेजी आएगी। जब भारत बढ़ेगा तो दुनिया बढ़ेगी। जब भारत सुधार करता है, तो दुनिया बदल जाती है।

यूएन पर आज कई तरह के सवाल खड़े हो रहे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76 वें सत्र को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र के विस्तार को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को स्वयं को प्रासंगिक बनाए रखना है तो उसे अपनी इफेक्टिवनेस को सुधारना होगा, रिलायबिलिटी को बढ़ाया होगा। यूएन पर आज कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हमने इन सवालों को जलवायु संकट के दौरान और अब हाल ही में कोविड के दौरान देखा। दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे छद्म युद्ध और मौजूदा अफगान संकट ने इन सवालों को और बढ़ा दिया है। एक महान भारतीय रणनीतिकार चाणक्य ने कहा था कि जब सही समय पर सही काम नहीं किया जाता है, तो समय ही उस काम की सफलता को नष्ट कर देता है। अगर संयुक्त राष्ट्र को खुद को प्रासंगिक बनाए रखना है, तो उसे अपनी प्रभावशीलता में सुधार करना होगा और अपनी विश्वसनीयता बढ़ानी होगी।

50 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज का लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76 वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि बीते 7 वर्षों में भारत में 43 करोड़ से ज्यादा लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। 36 करोड़ से अधिक ऐसे लोगों को बीमा कवच मिला है जो पहले इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे। 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज का लाभ देकर उन्हें क्वालिटी हेल्थ से जोड़ा है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जिक्र करते हुए कहा कि एकात्म मानवतावाद अंत्योदय को समर्पित है। भारत विकास के पथ पर कोई पीछे न रह जाये अवधारणा के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी प्राथमिकता है कि विकास सर्वसमावेशी, सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापी हो। बता दें कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की आज जयंती है।

रवींद्रनाथ टैगोर की कविता के साथ भाषण का अंत

प्रधानमंत्री मोदी ने यूएनजीए में अपने संबोधन का अंत गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कविता के साथ किया। उन्होंने कहा, 'अंत मैं नोबल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के शब्दों के साथ अपनी बात को समाप्त कर रहा हूं। अपने शुभ कर्म पथ पर निर्भीक होकर आगे बढ़ो। सभी दुर्बलता और आशंकाएं समाप्त होंगी। ये संदेश आज के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र के लिए जितना प्रासंगिक है, उतना ही हर जिम्मेदार देश के लिए प्रासंगिक है। मुझे विश्वास है कि हम सबका प्रयास विश्व में शांति और सौहार्द बढ़ाएगा। विश्व को स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध बनाएगा।

पीएम मोदी का अमेरिका दौरा

बता दें कि कोरोना महामारी के कारण पिछले साल इस सत्र का आयोजन वर्चुअली हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी यूएनजीए को संबोधित करने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के द्विपक्षीय बैठक कर चुके हैं। उन्होंने अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस से भी मुलाकात की है। इसके अलावा वे क्वाड नेताओं के साथ बैठक में भी शामिल हुए।

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