नाटो सेनाओं को और अधिक मजबूत किए जाने की तैयारी, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन से मिले नाटो महासचिव जेंस

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की फाइल फोटो

नाटो महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने कहा है कि नाटो सिर्फ सैन्य गठबंधन नहीं यह राजनीतिक-सैन्य गठबंधन है। जब हम सैन्य कार्रवाई नहीं करते तब भी हमारी राजनीतिक एकता मायने रखती है। उन्होंने कहा कि ब्रुसेल्स समिट में नाटो 2030 योजना को रखा जा रहा है।

Dhyanendra Singh ChauhanTue, 08 Jun 2021 05:11 PM (IST)

वाशिंगटन, एजेंसियां। ब्रुसेल्स शिखर सम्मेलन से पहले नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने 2030 तक के लिए नाटो सेनाओं को अत्याधुनिक और मजबूत किए जाने की योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने रक्षा मंत्री लायड आस्टिन से भी मुलाकात की।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि जेंस से मुलाकात के दौरान अंतरराष्ट्रीय समस्याओं पर वार्ता हुई। साथ ही पिछले सात वर्षो के दौरान रक्षा खर्च व सहयोगी देशों के योगदान पर भी चर्चा हुई।

14 जून को नाटो देशों के राष्ट्राध्यक्षों का शिखर सम्मेलन ब्रुसेल्स में आयोजित किया गया है। इस सम्मेलन की अध्यक्षता स्टोल्टेनबर्ग करेंगे।

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) तीस यूरोपीय और उत्तरी अमेरिकी देशों का सैन्य संगठन है। इसका मूल लक्ष्य राजनीतिक और सैन्य तरीकों से सहयोगी देशों को स्वतंत्रता और सुरक्षा प्रदान करना है।

नाटो राजनीतिक-सैन्य गठबंधन : जेंस

नाटो महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने कहा है कि नाटो सिर्फ सैन्य गठबंधन नहीं, यह राजनीतिक-सैन्य गठबंधन है। जब हम सैन्य कार्रवाई नहीं करते, तब भी हमारी राजनीतिक एकता मायने रखती है। उन्होंने कहा कि ब्रुसेल्स समिट में नाटो 2030 योजना को रखा जा रहा है। इस योजना के माध्यम से भूमि, समुद्र, हवाई क्षेत्र, साइबर स्पेस और अंतरिक्ष में ताकत बढ़ाने की तरफ कदम बढ़ाए जाएंगे।

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