PM Modi Biden Meet : पहली बार मिले तो गर्मजोशी से बाइडन ने किया मोदी का स्वागत, जानें किन मुद्दों पर क्‍या बात हुई

पीएम मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में बाइडन ने कहा कि आने वाले वक्‍त में दो सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में मजबूती गहराई और निकटता तय है।

Krishna Bihari SinghSat, 25 Sep 2021 12:16 AM (IST)
पीएम मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

वाशिंगटन, एजेंसियां। पीएम मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में बाइडन ने कहा कि आने वाले वक्‍त में दो सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में मजबूती, गहराई और निकटता तय है। मैं भारत और अमेरिका के रिश्तों में नया अध्याय देख रहा हूं। इस बैठक के दौरान कोरोना महामारी से लड़ाई, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक सहयोग समेत प्राथमिकता के विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई।

रखी जा चुकी है मजबूत रिश्‍तों की नींव 

अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ बाइडन की यह पहली मुलाकात थी। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ इस बैठक को बेहद अहम करार दिया। उन्होंने बाइडन से कहा, 'यह दशक कैसा आकार लेगा, इसमें आपका नेतृत्व निश्चित रूप से अहम भूमिका निभाएगा। भारत और अमेरिका के बीच और मजूबत दोस्ती के लिए बीज बोए जा चुके हैं।'

प्रतिभाओं का बखूबी इस्तेमाल हो

मोदी ने कहा कि इस दशक का भविष्य प्रतिभा और लोगों से लोगों के संबंधों से तय होगा। मुझे खुशी है कि अमेरिका की प्रगति की दिशा में भारतीय प्रवासी सक्रिय योगदान दे रहे हैं। मौजूदा वक्‍त में प्रौद्योगिकी प्रेरक शक्ति बन रही है। दुनिया के अधिक से अधिक कल्याण के लिए और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए हमें हमारी प्रतिभाओं का बखूबी इस्तेमाल करना चाहिए।

व्‍यापार पर बढ़ाने पर भी जोर 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार एक अहम क्षेत्र है जिसमें काफी कुछ करने की जरूरत है।

चुनौतियों से मिलकर पार पा सकते हैं दोनोंं देश 

वहीं अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की नियति ही शक्तिशाली, मजबूत बनना और करीब आना है। आज भारत और अमेरिका संबंधों का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। बाइडन ने यह भी कहा कि मेरा मानना है कि अमेरिका और भारत के संबंध वैश्विक चुनौतियों का समाधान निकालने में काफी मदद कर सकते हैं।

महात्मा गांधी को किया याद

अगले हफ्ते महात्मा गांधी की जयंती का जिक्र करते हुए बाइडन ने कहा, 'यह हम सभी को अहिंसा, सम्मान, सहिष्णुता के संदेश की याद दिलाता है जो आज पहले से कहीं ज्यादा मायने रखता है।' इस पर मोदी ने कहा, 'गांधी जी ने ट्रस्टीशिप के बारे में बात कही थी जो आने वाले समय में हमारी दुनिया के लिए बेहद अहम है।'

बहुत पहले ही कर दी थी भविष्‍यवाणी

बाइडन ने कहा, 'मेरा लंबे समय से मानना रहा है कि भारत-अमेरिका रिश्ते कई वैश्विक चुनौतियों को सुलझाने में मदद कर सकते हैं। 2006 में मैंने कहा था कि 2020 तक भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे करीबी देशों में शामिल होंगे। आज भारत-अमेरिका रिश्तों के इतिहास में हम नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। साझा प्रतिबद्धताओं के साथ हम कुछ सबसे कठिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।'

साझेदारी से कहीं बढ़कर है हमारी दोस्‍ती

बाइडन ने कहा कि कोरोना से लड़ाई, जलवायु परिवर्तन की चुनौती, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थायित्व सुनिश्चित करने के बारे में वह और प्रधानमंत्री मोदी बात करेंगे। उन्होंने कहा, 'हम जो करते हैं उससे हमारी साझेदारी कहीं अधिक है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखने की हमारी साझा जिम्मेदारी, विविधता की हमारी संयुक्त प्रतिबद्धता और हमारे पारिवारिक संबंधों के बारे में है जिनमें 40 लाख भारतीय अमेरिकी प्रतिदिन अमेरिका को मजबूत बनाते हैं।'

भारत अमेरिका संबंध भरोसे की साझेदारी

बैठक के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध भरोसे की साझीदारी है। वैश्विक स्तर पर हम बदलाव लाएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच वैश्विक, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मसलों पर बातचीत हुई। विस्तृत एजेंडे में रक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्थिक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और लोगों से लोगों के संबंध शामिल है। बागची ने कहा कि प्रधानमंत्री ने व्हाइट हाउस के रुजवेल्ट रूम में विजिटर बुक पर हस्ताक्षर भी किए।

बैठक को बताया असाधारण 

पीएम मोदी ने बैठक के बाद ट्वीट कर जो बाइडन के साथ हुई मुलाकात को असाधारण बताया। पीएम मोदी ने बताया कि हमने इस बात पर चर्चा की कैसे भारत एवं अमेरिका विभिन्न क्षेत्रों में आपनी सहयोग बढ़ा सकते हैं। हमने इस बात पर भी चर्चा की कि कैसे कोविड-19 महामारी और जलवायु परिवर्तन जैसी प्रमुख चनौतियों से पार पाने के लिए मिलकर काम कर किया जा सकता है।

बाइडन ने किया जोरदार स्‍वागत

बैठक में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने जोरदार स्‍वागत किया। राष्ट्रपति बाइडन ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि वे आज अमेरिका-भारत के संबंधों का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम में आगंतुक पुस्तिका पर दस्‍तखत भी किए।

कुछ वर्चुअल बैठकों में पहले ले चुके हैं हिस्सा

इस मुलाकात से पहले मोदी और बाइडन कुछ वर्चुअल बैठकों में हिस्सा ले चुके हैं इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति की मेजबानी में मार्च में हुई क्वाड बैठक शामिल है। शुक्रवार को हुई बैठक से पहले दोनों नेताओं के बीच आखिरी बार फोन पर 26 अप्रैल को बात हुई थी।

मुलाकात से पहले बाइडन ने किया ट्वीट

प्रधानमंत्री का स्वागत करने से पहले बाइडन ने ट्वीट कर कहा, 'आज सुबह मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की द्विपक्षीय बैठक के लिए व्हाइट हाउस में मेजबानी कर रहा हूं। मैं दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों को मजबूत करने, मुक्त एवं खुले हिंद प्रशांत क्षेत्र को बरकरार रखने के लिए काम करने और कोरोना महामारी से लेकर जलवायु परिवर्तन तक से निपटने के लिए उत्सुक हूं।'

व्हाइट हाउस के बाहर जुटे भारतवंशी

मोदी-बाइडन से मुलाकात से पहले व्हाइट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी जुटे। बेहद उत्साहित दिख रहे ये भारतवंशी हाथों में बैनर और भारतीय झंडे लिए हुए थे।

आतंकवाद एक बड़ा खतरा 

गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल की अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात की थी। इस दौरान हैरिस ने दुनियाभर में लोकतंत्र पर मंडराते खतरे पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने भारत और अमेरिका के साथ-साथ दुनियाभर में लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संस्थानों की रक्षा करने की जरूरत पर बल दिया।

हैरिस ने ट्वीट कर साथ काम करने की जताई इच्छा

शुक्रवार को कमला हैरिस ने ट्वीट कर कहा कि अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करने के लिए मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। मिलकर काम करके हम अहम वैश्विक मसलों पर प्रगति कर सकते हैं। इनमें कोरोना महामारी से लेकर जलवायु संकट व लोकतंत्र को मजबूत करना और उसकी रक्षा शामिल है।' 

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