UNGA में पीएम मोदी ने पाक और चीन की खोली पोल, कहा- समुद्री सीमा का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए

प्रधानमंत्री मोदी ने चीन का नाम लिए बगैर कहा कि हमारे समुद्र अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन हैं। समुद्री सीमा का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। हमें सीमाओं को विस्तारवादी सोच की दौड़ से बचाना होगा। उन्‍होने अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय को एक साथ इसके लिए आवाज उठानी होगी।

Ramesh MishraSat, 25 Sep 2021 07:58 PM (IST)
UNGA में मोदी ने कहा- आतंकवाद के लिए अफगानिस्‍तान की धरती का बेजा इस्‍तेमाल नहीं करे पाक ।

न्‍यूयार्क, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा में दुनिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्‍होंने कोरोना महामारी से लेकर आतंकवाद से लड़ाई का जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने चीन का नाम लिए बगैर कहा कि हमारे समुद्र अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार की लाइफलाइन हैं। समुद्री सीमा का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। हमें सीमाओं को विस्तारवादी सोच की दौड़ से बचाना होगा। उन्‍होने अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय को एक साथ इसके लिए आवाज उठानी होगी। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा का 76वां सत्र भारत के लिए काफी खास है, क्योंकि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है। यूएनजीए के 76वें सत्र को आज शाम 6.30 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित किया। संयुक्त राष्ट्र में पीएम मोदी का भाषण काफी अहम माना जा रहा है। आंतकवाद, कोरोना समेत कई मुद्दों पर पीएम मोदी अपनी बात को मजबूती से रखा। 

चीन की व्‍यवस्‍था को दिखाया आईना

पीएम मोदी ने चीन को आईना दिखाते हुए भारतीय लोकतंत्र की तारीफ की। इस दौरान उन्‍होंने भारतीय लोकतंत्र का महिमामंडन किया। पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र की हमारी हजारों वर्षों की महान परंपरा रही है। हमारी विविधता ही हमारे सशक्त और चमकदार लोकतंत्र की पहचान है। मोदी ने कहा कि ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा जो कभी एक रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान पर अपने पिता की मदद करता था वो आज चौथी बार भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर UNGA को संबोधित कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र की हमारी हज़ारों वर्षों की महान परंपरा रही है। हमारी विविधता ही हमारे सशक्त और चमकदार लोकतंत्र की पहचान है।

अफगानिस्‍तान की धरती का इस्‍तेमाल नहीं करे पाक

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाकिस्‍तान, अफगानिस्‍तान की धरती का बेजा इस्‍तेमाल कर रहा है। इस मौके पर पाकिस्‍तान को निशाने पर लिया है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान को आतंकवाद के लिए अफगानिस्‍तान की धरती का इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए। बता दें कि अफगानिस्‍तान में अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद पाक खुलकर तालिबान का समर्थन कर रहा है। पंचशीर घाटी के शेरों के साथ जंग में पाकिस्‍तान की खुफ‍िया एजेंसी ने तालिबान का खुलकर साथ दिया है। तालिबान सरकार के गठन में भी पाकिस्‍तान दखल दे रहा है। पाकिस्‍तान खुफ‍िया एजेंसी और तालिबान की सांठगांठ अब किसी से नहीं छिपा है। पाकिस्‍तान तालिबान पर इस बात पर दबाव बना रहा है कि वह कश्‍मीर में आतंकवाद का फ‍िर से प्रसार कर सके।

अफगानिस्‍तान में सुरक्षित नहीं है सिख और हिंदू

संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्‍तान में लोकतांत्रिक सरकार के पतन के बाद वहां रह रहे हिंदू और सिख असुरक्षित हैं। उन्‍होंने इस पर गंभीर चिंता जाहिर क‍िया है। उन्‍होंने कहा कि लोक‍तांत्रिक सरकार के हटने के बाद वहां सुरक्षा का खतरा उत्‍पन्‍न हुआ है। हमें इस बात के लिए भी सतर्क रहना होगा वहां कि नाजुक स्थितियों का इस्तेमाल कोई देश अपने स्वार्थ के लिए एक टूल की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश न करे। इस समय अफगानिस्तान की जनता को वहां की महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यक आबादी को मदद की जरूरत है। इसमें हमें अपना दायित्व निभाना ही होगा।

 

 

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