कोरोना महामारी का घातक असर : द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जीवन प्रत्याशा में दर्ज की गई सबसे बड़ी गिरावट

कोरोना महामारी ने जन धन के साथ साथ जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है। आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए एक अध्ययन के अनुसार COVID-19 महामारी की वजह से द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सन 2020 में जीवन प्रत्याशा में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

Krishna Bihari SinghMon, 27 Sep 2021 04:47 PM (IST)
COVID-19 महामारी से द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 2020 में जीवन प्रत्याशा में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

लंदन, रायटर। कोरोना महामारी ने जन धन के साथ साथ जीवन के हर पहलू को प्रभावित किया है। आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए एक अध्ययन के अनुसार COVID-19 महामारी की वजह से द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सन 2020 में जीवन प्रत्याशा में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक महामारी के चलते अमेरिकी पुरुषों की जीवन काल में दो वर्षों से अधिक कमी आई है।

अध्‍ययन में पाया गया कि 29 में से 22 देशों में 2019 की तुलना में जीवन प्रत्याशा में छह महीने से ज्‍यादा की गिरावट आई है। यह अध्‍ययन यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और चिली में किया गया। आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कहा कि विभिन्न देशों में जीवन प्रत्याशा में दर्ज की गई कमी को आधिकारिक COVID-19 मौतों से जोड़ा जा सकता है।

समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक महामारी के घातक असर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के 23.18 करोड़ से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं समाचार एजेंसी रायटर की एक टैली के मुताबिक दुनिया भर में महामारी से अब तक करीब 50 लाख लोगों की मौत हो चुकी है।

इंटरनेशनल जर्नल आफ एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित इस रिसर्च पेपर के सह-प्रमुख लेखक डा. रिधि कश्यप ने कहा कि गौर करने वाली यह है कि अध्‍ययन के नतीजे महामारी के इतने बड़े प्रभाव को उजागर करते हैं। अध्‍ययन यह दर्शाता है कि कोरोना महामारी कई देशों के लिए कितना विनाशकारी रही है। अध्‍ययन के मुताबिक अधिकांश देशों में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की जीवन प्रत्याशा में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई।

खासकर अमेरिकी पुरुषों की जीवन प्रत्याशा में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अध्‍ययन के मुताबिक अमेरिकी पुरुषों में साल 2019 की तुलना में जीवन प्रत्याशा में 2.2 वर्ष की गिरावट देखी गई। जीवन प्रत्याशा क्‍या है यदि इसे सरल वाक्‍य में समझें तो... इंसान औसत कितने साल जीयेगा यह आंकड़ा ही जीवन प्रत्‍याशा है। यानी हम कह सकते हैं कि महामारी ने मानव जीवन की औसत उम्र पर बुरा प्रभाव डाला है....  

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