NASO ने कुछ सरकारों को पेगासस इस्तेमाल करने से रोका, हैकिंग और निगरानी के आरोपों के चलते कई देशों में मचा है हंगामा

पेगासस जासूसी कांड के चलते इन दिनों चर्चा में चल रही इजरायली साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ने उसकी स्पाइवेयर प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रहे दुनिया भर के अपने सरकारी ग्राहकों में से कई को इसका उपयोग करने से अस्थायी रूप से रोक दिया है।

Ramesh MishraSat, 31 Jul 2021 06:39 PM (IST)
NASO ने कुछ सरकारों को पेगासस इस्तेमाल करने से रोका। फाइल फोटो।

वाशिंगटन, एजेंसी। पेगासस जासूसी कांड के चलते इन दिनों चर्चा में चल रही इजरायली साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ने उसकी स्पाइवेयर प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रहे दुनिया भर के अपने सरकारी ग्राहकों में से कई को इसका उपयोग करने से अस्थायी रूप से रोक दिया है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी फिलहाल इसके कथित दुरुपयोगों की जांच कर रही है।पेगासस स्पाइवेयर का भारत समेत कई अन्य देशों में पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, नेताओं और अन्य लोगों की जासूसी के लिए कथित तौर पर उपयोग करने के आरोपों ने निजता से संबंधित मुद्दों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

यह रोक मीडिया संगठनों के परिसंघ पेगासस प्रोजेक्ट द्वारा जांच के जवाब में लगाई गई है, जिसने बताया है कि पेगासस स्पाइवेयर हैकिंग और संभवत: निगरानी करने से जुड़ा है।नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) ने इजरायली कंपनी में एक स्त्रोत के हवाले से कहा, कुछ ग्राहकों की जांच की जा रही है। इनमें से कुछ उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रयोग को अस्थायी रूप से रोका गया है।स्वतंत्र एवं गैर लाभकारी मीडिया संगठन एनपीआर की खबर के मुताबिक, सूत्रों ने सरकारी एजेंसियों या उन देशों के नाम नहीं बताए हैं, जिन्हें एनएसओ ने अपने स्पाइवेयर के इस्तेमाल से रोका है।

उन्होंने बताया कि इजरायली रक्षा नियम कंपनी को उसके ग्राहकों की पहचान करने से प्रतिबंधित करते हैं।एनएसओ की आंतरिक जांच में उन लोगों के टेलीफोन नंबर की जांच की गई है, जिसे एनएसओ के ग्राहकों ने संभावित लक्ष्यों के तौर पर चिह्नित किया था।कर्मचारी ने कहा, हमने लगभग हर चीज की जांच की है। हमें पेगासस के साथ कोई संबंध नहीं मिला है। हालांकि, उसने संभावित दुरुपयोग के बारे में विस्तार से बताने से इन्कार कर दिया, जिसका एनएसओ को संभवत: पता चला हो।कंपनी नीति के कारण नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कर्मचारी ने कहा कि एनएसओ इस मामले पर अब मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देगी और वह शातिर एवं निंदनीय अभियान का हिस्सा नहीं बनेगी।

इजरायली सरकार को भी इस मामले में दबाव का सामना करना पड़ा है, क्योंकि वह अन्य देशों को स्पाइवेयर तकनीक की बिक्री को नियंत्रित करती है। इसने एनएसओ पर लगे आरोपों की जांच भी शुरू कर दी है।रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया, इजरायली अधिकारियों ने कंपनी के संबंध में लगाए गए आरोपों का आकलन करने के लिए, तेल अवीव के पास हर्जलिया में बुधवार को एनएसओ के कार्यालय का निरीक्षण किया था।एनएसओ कर्मचारी ने कहा कि कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है और इजरायली अधिकारियों के सामने साबित करना चाहती है कि मीडिया की खबरों में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं वे पेगासस के निशाने नहीं थे।

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