आर्टेमिस मिशन के तहत चंद्रमा की सतह पर पहली महिला भेजेगा नासा , जानें- इसके बारे में

अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी नासा का आर्टेमिस मिशन फाइल फोटो
Publish Date:Thu, 29 Oct 2020 10:23 PM (IST) Author: Sanjeev Tiwari

वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी नासा आर्टेमिस मिशन के तहत चंद्रमा की सतह पर पहली महिला को ले जाने को लेकर पूरी तरह जुट गया है। एजेंसी की मानें तो उसका स्‍पेस कार्यक्रम आर्टेमिस, उसके मंगल (Mars) मिशन में बेहद अहम भूमिका निभाएगा। 

नासा ने कहा कि उसके इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के उन क्षेत्रों का पता लगाएंगे जहां पहले कभी इंसान नहीं गया है। इस दौरान ब्रह्मांड के रहस्यों का पता लगाया जाएगा। यह मिशन इंसान के दायरे को सौर मंडल में विस्‍तार देगी। इस मिशन के द्वारा एजेंसी चंद्रमा की सतह पर पानी, बर्फ और अन्‍य प्राकृतिक संसाधनों की खोजबीन करेगी। भविष्‍य में इंसान चंद्रमा से छलांग लगाकर मंगल तक की यात्रा करेगा।  

आर्टेमिस मिशन के लिए नासा और ईएसए में समझौता

आर्टेमिस मिशन में सहयोग के लिए नासा और ईएसए (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी) के बीच एक समझौता हुआ है। यह समझौता संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा चंद्रमा पर व्यापक खोज के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों को शामिल करना है। साथ ही भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन के लिए भी आवश्यक है। नासा और ईएसए का समझौता आर्टेमिस मिशन तहत चंद्रमा पर अंतरराष्ट्रीय चालक दल के सदस्यों को लॉन्च करने के लिए पहली औपचारिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह समझौता नासा के चंद्रमा पर अभूतपूर्व अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नासा द्वारा बताया गया कि निकट भविष्य में अन्य अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों को शामिल किया जाएगा, जो एक गतिशील और मजबूत चंद्र अन्वेषण में योगदान देगा।

 जानें- नासा के आर्टेमिस मिशन (Artemis Mission) के बारे में

-आर्टेमिस मिशन के तहत चंद्रमा शोध कार्यक्रम के माध्यम से नासा वर्ष 2024 तक पहली महिला और अगले पुरुष को चंद्रमा पर भेजना चाहता है। इस मिशन का लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव सहित चंद्रमा की सतह पर अन्य जगहों पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतरना है।

- आर्टेमिस मिशन के माध्यम से नासा नई प्रौद्योगिकियों, क्षमताओं और व्यापार दृष्टिकोण का प्रदर्शन करना चाहता है जो भविष्य में मंगल ग्रह में खोज के लिये आवश्यक होंगे।

-आर्टेमिस मिशन के लिये नासा के नए रॉकेट जिसे स्पेस लॉन्च सिस्टम (Space Launch System- SLS) कहा जाता है, को चुना गया है। मालूम हो कि यह रॉकेट ओरियन अंतरिक्ष यान (Orion Spacecraft) में सवार अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से चंद्रमा की कक्षा में ले जाएगा।

- बता दें कि ओरियन अंतरिक्ष यान में सवार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर रहने और काम करने में सक्षम होंगे साथ ही चंद्रमा की सतह पर अभियान करने में भी सक्षम होंगे। ओरियन अंतरिक्ष यान चंद्रमा की कक्षा के चारों ओर चक्कर लगाने वाला एक छोटा सा यान है।

-आर्टेमिस मिशन के लिये जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिये नए स्पेस-सूट डिजाइन किये गए हैं, जिन्हें एक्सप्लोरेशन एक्स्ट्रावेहिकुलर मोबिलिटी यूनिट कहा जाता है। इस स्पेस-सूट में उन्नत गतिशीलता और संचार की सुविधा है, जिसे माइक्रोग्रैविटी में या ग्रहीय सतह पर स्पेसवॉक (Spacewalk) के लिये उपयुक्त आकर दिया जा सकता है।

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