अमेरिका में मॉडर्ना इंक मांगेगी वैक्‍सीन के आपात इस्‍तेमाल की मंजूरी, गंभीर मामलों में 100 फीसद प्रभावी होने का किया दावा

मॉडर्ना इंक अमेरिकी और यूरोपीय आपातकालीन प्राधिकरण के समक्ष अपनी वैक्‍सीन के आपात इस्‍तेमाल की मंजूरी मांगेगी...

कोरोना वैक्‍सीन विकसित करने में की दौड़ में सबसे आगे चल रही मॉडर्ना इंक (Moderna Inc) कंपनी ने कहा है कि वह अमेरिकी और यूरोपीय आपातकालीन प्राधिकरण के समक्ष अपनी कोरोना वैक्‍सीन के आपात इस्‍तेमाल के लिए आवेदन करेगी।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 06:29 PM (IST) Author: Krishna Bihari Singh

न्‍यूयॉर्क, एजेंसियां। अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी माडर्ना ने सोमवार को एक बार फिर दावा किया कि शोध के ताजा आंकड़ों में उसकी वैक्सीन 94 फीसद से ज्यादा कारगर निकली है। इसका कोई गंभीर साइड इफेक्ट भी नहीं है। कंपनी जल्द ही अमेरिका और यूरोप में अपनी वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए अनुमति मांगने जा रही है। माडर्ना का दावा है कि यह वैक्सीन सभी तरह के वर्गों और समूहों के लोगों में प्रभावी रही है। कई गंभीर मामलों में यह सौ फीसद तक कारगर रही है। 

दो करोड़ डोज उपलब्ध कराने की तैयारी 

उल्लेखनीय है फाइजर के बाद माडर्ना दूसरी अमेरिकी वैक्सीन है जो जल्द ही बाजार में उतरने की तैयारी में है। फाइजर ने करीब एक सप्ताह पहले आपात इस्तेमाल की इजाजत के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से अनुमति मांगी है। इस साल के अंत तक माडर्ना दो करोड़ डोज उपलब्ध कराने की तैयारी में है। वहीं अगले साल के अंत तक कंपनी पचास करोड़ से लेकर एक अरब डोज बाजार में उपलब्ध करा देगी।

30 हजार से अधिक लोगों पर परीक्षण 

माडर्ना ने अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के सहयोग से वैक्सीन विकसित की है। माडर्ना की वैक्सीन के परीक्षण में 30 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया है। पिछले सप्ताहांत आए विस्तृत नतीजों के अनुसार यह वैक्सीन 94.1 फीसद कारगर पाई गई। हालांकि कंपनी ने 16 नवंबर को अंतरिम आंकड़े जारी कर अपनी वैक्सीन के 94.5 फीसद कारगर होने की बात कही थी। 

कई लोगों की जान बचाई 

कंपनी के चीफ मेडिकल आफीसर डा. टाल जैक्स ने कहा कि हम लोगों ने वैक्सीन के परीक्षण के दौरान ही कई लोगों की जान बचा ली। उन्होंने कहा कि अंतिम नतीजों में जब हमें इस बात की जानकारी हुई तो खुशी से आंसू निकल पड़े। समझा जाता है कि माडर्ना एफडीए के समक्ष अपने आंकड़े 17 दिसंबर को पेश करेगी जबकि फाइजर को दस दिसंबर को अपने आंकड़े और नतीजे पेश करने हैं। ये दोनों वैक्सीन दो खुराक वाली हैं। दोनों के लिए कोल्ड चेन की जरूरत है। 

माडर्ना की वैक्सीन दूसरी जगह ले जाना आसान  

हालांकि माडर्ना की वैक्सीन के मुकाबले फाइजर की वैक्सीन को बहुत ही कम तापमान की जरूरत है। इस लिहाज से माडर्ना की वैक्सीन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान है। वैक्सीन प्रबंधन से जुड़े अमेरिकी सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि एफडीए से हरी झंडी मिलने के 24 से 48 घंटों के भीतर वरीयता वाले समूहों को वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाएगी।

मॉडर्ना के शेयर में आई तेजी

वैक्सीन के प्रभावी होने के मॉडर्ना के दावे के बाद उसके शेयर में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। इस खबर से मॉडर्ना का शेयर 13 फीसद तेजी के साथ 144 डालर के भाव पर खुला। दिन में एक समय शेयर का भाव 150.14 डालर तक पहुंच गया। बाजार में दिन भर उत्साह का माहौल बना रहा।

...तो दी जा सकती है मंजूरी 

बता दें कि अमेरिका में किसी भी वैक्‍सीन या दवा के इस्‍तेमाल के लिए अमेरिकी नियामक खाद्य एवं दवा प्रशासन की मंजूरी अनिवार्य होती है। ऐसी आपात मंजूरियों के लिए हजारों लोगों पर अध्‍ययन की जरूरत होती है। अमूमन इस प्रक्रिया में 10 साल तक लग जाते हैं। लेकिन ऐसे में जब महामारी के दौरान तात्‍कालिक लाभ जोखिम पर भारी दिखें तब एफडीए ऐसी मंजूरियां दे सकता है... 

 

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