जानें कहां और क्या थी अमेरिका की नई उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की पहली जॉब

मां की लैब में ग्लासवेयर की करती थी सफाई

Kamala Harris first Job 20 जनवरी को अमेरिका की उपराष्ट्रपति बनींं कमला हैरिस ने कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक ली और अपने पहली नौकरी के बारे में सबकुछ बताया जो उनकी मां श्यामला हैरिस के लैब में उन्हें मिली थी।

Publish Date:Wed, 27 Jan 2021 12:05 PM (IST) Author: Monika Minal

वाशिंगटन, प्रेट्र। कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट (NIH) के हेडक्वार्टर में आई अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Vice President Kamala Harris) ने अपने पहली नौकरी के बारे में बताया जो उनकी मां के लैब में था। दरअसल वे वहां इस्तेमाल में लाए जाने वाली ग्लासवेयर की सफाई करती थीं। 29 दिसंबर को उन्होंने कोविड-19 का पहला डोज लिया था। 

उनकी मां श्यामला गोपालन हैरिस (Shyamala Gopalan Harris) भारत के चेन्नई की मूल निवासी थीं। उनका निधन वर्ष 2009 में ब्रेस्ट कैंसर के कारण हो गया था। उनके पिता डोनाल्ड हैरिस (Donald Harris) जमैका मूल के थे और अमेरिका में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर थे। मैरिलैंड (Maryland) के बेथेस्डा  (Bethesda)स्थित  NIH में हैरिस ने मंगलवार को बताया, 'छोटे से ही हम मां को जाता देखते थे, हमें यह पता होता था कि वे बेथेस्डा जाती हैं और हम कैलिफोर्निया में रहते हैं। मेरी मां बेथेस्डा जाती थीं और वहां वो जो करती थी वो यहां NIH ही आता था। वो बायोकेमिकल एंडोक्रायनोलॉजी सेक्शन में थीं।' 

मां के लैब में अपने काम को लेकर उपराष्ट्रपति हैरिस ने बताया, 'वो समीक्षक थीं। मेरी मां की जिंदगी में दो उद्देश्य थे, एक दो बेटियों का पालन पोषण और दूसरा ब्रेस्ट कैंसर को खत्म करना।' अमेरिका की पहली अश्वेत और दक्षिण एशियाई उपराष्ट्रपति बनने वाली कमला हैरिस ने 20 जनवरी को अपने पद की शपथ ली।

मां के लैब में अपने काम को लेकर उपराष्ट्रपति हैरिस ने बताया, 'वो समीक्षक थीं। मेरी मां की जिंदगी में दो उद्देश्य थे, एक दो बेटियों का पालन पोषण और दूसरा ब्रेस्ट कैंसर को खत्म करना।'  कमला हैरिस ने बताया, 'यह काफी कम लोग जानते हैं कि मेरी पहली जॉब मां के लैब में ग्लासवेयर की सफाई करनी थी। स्कूल के बाद और वीकेंड पर वो अपने साथ हमें लैब ले जाया करती थीं और हम विज्ञान के आस-पास ही बड़े हुए।'

कोविड-19 के कारण अमेरिका दुनिया को सबसे अधिक प्रभावित देश है जहां अब तक 4 लाख 20 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमितों की संख्या 2 करोड़ 52 लाख 93 हजार को पार कर गई।  

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