अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का आश्वासन, UNSC में भारत की स्थायी सीट और एनएसजी के लिए समर्थन

संयुक्त बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक के दौरान राष्ट्रपति बाइडन ने एनएसजी में भारत के प्रवेश के प्रति भी अमेरिका का समर्थन दोहराया। एनएसजी 48 सदस्यीय समूह है जो वैश्विक परमाणु वाणिज्य को नियंत्रित करता है।

Manish PandeySun, 26 Sep 2021 08:58 AM (IST)
मोदी से मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का आश्वासन

वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी पहली द्विपक्षीय प्रत्यक्ष बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता और परमाणु आपूíतकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश के प्रति अमेरिका का समर्थन दोहराया है।

व्हाइट हाउस में दोनों नेताओं की बैठक के बाद शुक्रवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति बाइडन ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक के दौरान अगस्त 2021 में सुरक्षा परिषद की भारत द्वारा की गई अध्यक्षता के दौरान उसके मजबूत नेतृत्व की सराहना की। इसमें कहा गया कि इस परिप्रेक्ष्य में, राष्ट्रपति बाइडन ने सुधारों से युक्त संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता और उन अन्य देशों के लिए अमेरिका का समर्थन दोहराया, जो बहुपक्षीय सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की आकांक्षा रखते हैं।

संयुक्त बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक के दौरान राष्ट्रपति बाइडन ने परमाणु आपूíतकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश के प्रति भी अमेरिका का समर्थन दोहराया। एनएसजी 48 सदस्यीय समूह है जो वैश्विक परमाणु वाणिज्य को नियंत्रित करता है। हालांकि भारत के प्रवेश को लेकर चीन हमेशा अड़ंगेबाजी करता रहता है।

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शनिवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएसी) का विस्तार और उसमें एक स्थायी सीट पाना भारत की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद के तहत अंतर-सरकारी प्रक्रियाओं और दस्तावेज आधारित बातचीत पर जोर रहेगा।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 76वें सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद श्रृंगला ने संवाददाताओं से कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान संयुक्त राष्ट्र को विस्तारित करने की दिशा में काम करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि यूएनएसी में एक स्थायी सीट और सुरक्षा परिषद में विस्तार भारत की शीर्ष प्राथमिकता बनी हुई है। विदेश सचिव ने कहा कि भारत की भावनाओं को साझा करने वाले कई देशों द्वारा उसकी उम्मीदवारी (यूएनएससी की स्थायी सीट के लिए) को समर्थन मिला है।

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