Indra Nooyi Book: जब भारतीय पीएम व अमेरिकी राष्ट्रपति ने इंद्रा नूयी को बताया अपना, वर्ष 2009 की है घटना

पेप्सिको की पूर्व अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूयी को अब भी वर्ष 2009 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से हुई मुलाकात याद है जब दोनों ने दावा किया था कि वह तो हमारी तरफ से हैं।

TaniskMon, 27 Sep 2021 01:25 AM (IST)
पेप्सिको की पूर्व अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूयी।

वाशिंगटन, प्रेट्र। पेप्सिको की पूर्व अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूयी को अब भी वर्ष 2009 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से हुई मुलाकात याद है, जब दोनों ने दावा किया था कि वह तो हमारी तरफ से हैं। चेन्नई में पैदा हुईं नूयी (65) ने अपने संस्मरण 'माई लाइफ इन फुल: वर्क, फैमिली एंड आवर फ्यूचर' में नवंबर, 2009 की अविस्मरणीय घटनाओं को समेटते हुए लिखा है, 'मैं दोनों ही दुनिया (भारत व अमेरिका) की हूं।' नवंबर 2009 में ओबामा ने अपने पहले राजकीय भोज में सिंह की मेजबानी की थी।

बाजार में मंगलवार को आ रहे इस संस्मरण में नूयी ने बाल्यकाल से लेकर पेप्सिको की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने तक की उन घटनाओं का ब्योरा दिया है, जिन्होंने उनकी जिंदगी को एक आकार प्रदान किया। वह वर्ष 2018 में इस पद से सेवानिवृत्त हुईं। उन्होंने 300 से ज्यादा पन्नों की इस किताब की प्रस्तावना में लिखा है, 'दो दर्जन शीर्ष अमेरिकी एवं भारतीय उद्योगपतियों के साथ वााशिंगटन डीसी में घंटों की बैठक के बाद नवंबर, 2009 में मंगलवार की एक कोहरे भरी सुबह मैंने अपने आप को अमेरिका के राष्ट्रपति एवं भारत के प्रधानमंत्री के बीच खड़ा पाया।'

उन्होंने लिखा, 'बराक ओबामा एवं मनमोहन सिंह हमारे ग्रुप की प्रगति के बारे में अपडेट सूचना हासिल करने के लिए कमरे में आए। राष्ट्रपति ओबामा ने सिंह के सामने अपनी अमेरिकी टीम का परिचय देना शुरू किया। जब उन्होंने मेरा परिचय कराया-पेप्सिको की मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रा नूयी, तब प्रधानमंत्री सिंह बोल पड़े, लेकिन वह हमारी तरफ से हैं। और राष्ट्रपति ने एक बड़ी मुस्कान के साथ जवाब दिया, लेकिन वह तो हमारी तरफ से हैं।'

नूयी ने यह भी कहा, 'मैं अभी भी वह लड़की हूं, जो भारत के दक्षिण में मद्रास में एक परिवार में पली-बढ़ी है और मैं अपनी र संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई हूं। मैं वह महिला हूं, जो 23 साल की उम्र में पढ़ाई और काम करने के लिए अमेरिका आई थी और उसे एक प्रतिष्ठित कंपनी का नेतृत्व करने का मौका मिला। एक ऐसी यात्रा जो मुझे लगता है कि केवल अमेरिका में ही संभव है। मैं दोनों दुनिया से ताल्लुक रखती हूं।

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