संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने किया पाकिस्‍तान पीएम इमरान इमरान के संबोधन का बहिष्कार

भारतीय प्रतिनिधि को इस बात का अंदाजा था कि इमरान खान फिर हिंदुस्‍तान के खिलाफ अपना कश्‍मीर वाला राग अलापेंगे
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 11:12 PM (IST) Author: Tilak Raj

संयुक्‍त राष्‍ट्र, एएनआइ। भारत ने एक बार फिर पाकिस्‍तान को अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर यह अहसास दिला दिया कि बोली और गोली एक साथ हिंदुस्‍तान को बर्दाश्‍त नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया, वैसे ही भारतीय प्रतिनिधि अपना स्‍थान छोड़कर सभागृह से चले गए। भारतीय प्रतिनिधि को इस बात का अंदाजा था कि इमरान खान फिर हिंदुस्‍तान के खिलाफ अपना कश्‍मीर वाला राग अलापेंगे। इसलिए इमरान खान ने महासभा में अपने भाषण की शुरुआत भारत के खिलाफ बोलने से ही किया, तो भारतीय प्रतिनिधि तुरंत महासभा के हॉल से वॉक आउट कर गए।

इमरान खान ने यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में कश्‍मीर से लेकर गुजरात दंगा तक का मुद्दा उठाया। हालांकि, संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत के स्‍थायी प्रतिनिधि ने इमरान खान के भाषण को झूठ का पुलिंदा और आधारहीन बताया है। वैसे, इस बात का अहसास सभी को था कि इमरान इस मंच का इस्‍तेमाल वही पुराना राग सुनाकर कर करेंगे।

संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा उठाने पर भारत ने की पाक की तीखी आलोचना

संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर का मसला उठाने के लिए भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान की तीखी आलोचना की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा यह मुद्दा उठाते ही संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि और प्रथम सचिव मिजितो विनितो हॉल छोड़कर चले गए। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर बताया, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बयान 75वीं महासभा में निम्नतम स्तर की कूटनीति है। यह कुटिल झूठ, निजी हमलों, युद्ध भड़काने और अपने ही अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की पाकिस्तानी घबराहट और उसके सीमापार आतंकवाद की एक और सूची है।' उन्होंने कहा कि भारत जवाब देने के अधिकार के तहत उनके बयान का उचित जवाब देगा। मालूम हो कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में शुक्रवार को इमरान खान ने अपने पहले से रिकॉर्ड बयान में जम्मू-कश्मीर समेत भारत के अंदरूनी मामलों का जिक्र किया। जबकि भारत ने पाकिस्तान से दृढ़ता से कह दिया है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग रहा है, है और हमेशा रहेगा। भारत का हमेशा से कहना है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े मसले उसके आंतरिक मसले हैं। लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के लिए लगातार यह मसला उठाने की विफल कोशिश करता रहा है।

शनिवार की शाम को संयुक्त राष्ट्र महासभा को करेंगे संबोधित 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानि शनिवार की शाम को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी इस भाषण में यकीनन आतंकवाद का मुद्दा उठाएंगे और पाकिस्‍तान को आईना दिखाएंगे। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र की थीम कोरोना संक्रमण को ध्‍यान में रखते हुए 'भविष्य जो हम चाहते हैं, संयुक्त राष्ट्र जिसकी हमें जरूरत है, कोविड-19 से प्रभावी बहुआयामी कदम के माध्यम से संघर्ष में हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता' रखा गया है। प्रेक्षकों के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र में भारत का जोर आतंकवाद से मुकाबले पर वैश्विक कार्रवाई की मजबूती को प्रोत्साहित करने पर रहेगा। मौजूदा वक्‍त में हो रहे विभिन्‍न वैश्विक मंचों पर भारत आतंकवाद और सीमा पार से हो रही घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठा रहा है। भारत प्रतिबंध समिति में उद्यमों और व्यक्तियों की लिस्टिंग और डीलिस्टिंग की प्रक्रिया में और पारदर्शिता पर जोर डालेगा।

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