ट्रंप प्रशासन में बढ़ता भारतवंशियों का कद, तीन और को मिली अहम जिम्मेदारी

वाशिंगटन, प्रेट्र। ट्रंप प्रशासन में भारतीय मूल के लोगों का कद और बढ़ने जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महिला समेत तीन प्रभावशाली भारतवंशियों को अमेरिकी प्रशासन के अहम पदों पर नामित किया है। ह्वाइट हाउस के अनुसार, परमाणु विशेषज्ञ रीता बरनवाल को ऊर्जा विभाग (परमाणु ऊर्जा) और बिमल पटेल को कोषागार विभाग में सहायक सचिव के तौर पर नामित किया गया है।

एक अन्य भारतवंशी आदित्य बामजई निजता व नागरिक स्वतंत्रता निगरानी बोर्ड के सदस्य के तौर पर नामांकित किए गए हैं। इन तीनों के नाम बुधवार को मंजूरी के लिए अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट के पास भेज दिए गए।

बरनवाल पर होगी परमाणु ऊर्जा की जिम्मेदारी

सीनेट से स्वीकृति मिलने के बाद बरनवाल परमाणु ऊर्जा कार्यालय की अगुआई करेंगी। उन पर परमाणु प्रौद्योगिकी रिसर्च और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी होगी। वह अमेरिकी नौसैनिक रिएक्टरों के लिए न्यूक्लियर फ्यूल मैटेरियल्स पर शोध और विकास का नेतृत्व कर चुकी हैं।

एसोसिएट प्रोफेसर भी रह चुके हैं बिमल पटेल

बिमल पटेल इस समय कोषागार विभाग में उप सहायक सचिव पद पर कार्यरत हैं। इस विभाग से जुड़ने से पहले वह वाशिंगटन डीसी स्थित फाइनेंशियल एडवाइजरी और रेगुलेशन के प्रमुख रहे। इससे पहले वह स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अनुबंधित एसोसिएट प्रोफेसर भी रह चुके हैं।

संसदीय समिति के सदस्य बनाए गए राजा कृष्णमूर्ति

भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सांसद राजा कृष्णमूर्ति को खुफिया मामलों पर बनी संसदीय समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने वाली इस समिति में जगह पाने वाले वह पहले दक्षिण एशियाई हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा और कंप्यूटर अपराध पर लिखते हैं बामजई

येल यूनिवर्सिटी से स्नातक बामजई नागरिक प्रक्रिया, प्रशासनिक कानून, संघीय अदालतों, राष्ट्रीय सुरक्षा और कंप्यूटर अपराध के बारे में पढ़ाते व लिखते हैं। वह अमेरिकी न्याय विभाग के कानूनी सलाह कार्यालय में अटार्नी-एडवाइजर भी रह चुके हैं।

तीन दर्जन भारतवंशियों को नियुक्त कर चुके हैं ट्रंप

ट्रंप अब तक भारतीय मूल के तीन दर्जन से ज्यादा लोगों को अहम पदोंे पर नामित या नियुक्त कर चुके हैं। उन्होंने निक्की हेली को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत नियुक्त किया था। वह कैबिनेट दर्जे वाले पद पर नियुक्ति पाने वाली पहली भारतवंशी थीं।

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