कोरोना वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत को अन्य देशों से सहयोग करने की जरूरत : डॉ. फौसी

भारत में संक्रमण का स्तर काफी ज्यादा, यात्रा फिर से शुरू करना मुश्किल : डॉ फौसी

डॉ. फौसी ने कहा कि यह पता लगाने की जरूरत है कि भारत के ज्यादा से ज्यादा लोगों का कोरोना टीकाकरण कैसे किया जाए। उन्होंने भारत को कोरोना की वैक्सीन बनाने वाले सर्वश्रेष्ठ देशों में से एक बताया है।

Neel RajputFri, 14 May 2021 09:22 AM (IST)

वाशिंगटन, एएनआइ। भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने कहर बरपाया हुआ है। इसके मद्देनजर तमाम देश भारत की मदद को आगे आए हैं। दूसरी लहर के कारण देश में संक्रमण के मामलों में भी काफी तेजी आ गई थी, इस दौरान अस्पतालों में बेड, वेंटीलेटर, आक्सीजन सिलेंडर जैसी चिकित्सा सुविधाओं की किल्लत होने लगी थी। इसे देखते हुए कई दूसरे देश सहायता के लिए आगे आए। कोरोना पर काबू पाने के लिए भारत ने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने का फैसला किया हालांकि इस दौरान कई राज्यों ने वैक्सीन की किल्लत की शिकायत भी की है। सरकार इन सभी समस्याओं से निपटने में जुटी है। वहीं, अब बाइडेन प्रशासन के शीर्ष चिकित्सा सलाहकार डॉ. एंथनी फौसी ने कहा है कि भारत को अन्य देशों के साथ सहयोग करना चाहिए, और देश की विशाल आबादी का कोरोना टीकाकरण करने के लिए कंपनियों को अपनी वैक्सीन उत्पादन क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।

उन्होंने भारत को दुनियाभर में सर्वश्रेष्ठ वैक्सीन उत्पादक के रूप में बुलाते हुए कहा कि 'यह एक बहुत बड़ा देश है, जहां एक अरब 40 करोड़ लोगों की आबादी रहती है जिसमें से केवल कुछ फीसद लोग हैं जिनका पूरी तरह से टीकाकरण हुआ है। लगभग 10 फीसद या उससे अधिक ने कम से कम एक खुराक ली है, इसलिए आपको अन्य देशों और अन्य कंपनियों के साथ व्यवस्था करने के साथ-साथ टीके बनाने की अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए भी काम करना होगा क्योंकि जैसा कि हम सभी जानते हैं, भारत दुनिया में सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक नहीं तो सर्वश्रेष्ठ में से एक है।'

समाचार एजेंसी एएनआइ से एक विशष साक्षात्कार में डॉ. फौसी ने कहा कि भारत में कोरोना की दूसरी विनाशकारी लहर में मदद की आवश्यकता थी और अमेरिका ने ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन जनरेटर, पीपीई, रेमडेसिविर जैसी चिकित्सा सुविधाओं की आपूर्ति की। लेकिन इस सबके बीच यह पता लगाने की जरूरत है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि B.1.617 पहली बार भारत में मिला, बाद में 40 अन्य देशों जिनमें अमेरिका भी शामिल है, में भी इसके मरीज मिले। ऐसे समय में अमीर देशों की यह जिम्मेदारी है कि वह विशेष रूप से निम्न और मध्यम-आय वाले देशों की मदद करें। भारत यात्रा फिर से शुरू करने के मुद्दे पर डॉ. फौसी ने कहा कि इस वक्त भारत में संक्रमण का स्तर काफी बढ़ा हुआ है ऐसे में फिलहाल वहां के लिए यात्रा फिर से शुरू करना काफी मुश्किल है।

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