डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका, एरिजोना की चुनावी समीक्षा में नहीं मिली गड़बड़ी, समीक्षा में 261 वोट हुए कम

अमेरिका के 2020 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एरिजोना में व्यापक स्तर पर धांधली करने का आरोप लगाया था। इस क्षेत्र में डाले गए वोटों की समीक्षा से अब ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। समीक्षा में कोई भी ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है

TaniskSat, 25 Sep 2021 05:33 PM (IST)
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप । (फाइल फोटो)

फीनिक्स, न्यूयार्क टाइम्स। अमेरिका के 2020 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एरिजोना में व्यापक स्तर पर धांधली करने का आरोप लगाया था। इस क्षेत्र में डाले गए वोटों की समीक्षा से अब ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। रिपब्लिकन पार्टी के खर्चे पर कराई गई समीक्षा में कोई भी ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे यह सिद्ध हो सके कि ट्रंप को हराने के लिए डेमोक्रेट पार्टी ने कोई साजिश की थी।

समीक्षा करने वाली कंपनी साइबर निंजास की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप के आरोपों के विपरीत स्थिति मिली है। समीक्षा में बाइडन के 99 वोट बढ़ गए हैं, जबकि डोनाल्ड ट्रंप के 261 वोट कम हो गए। वोटों की समीक्षा करने वाले रिपब्लिकन सीनेट के अध्यक्ष करेन फैन ने शुक्रवार को राज्य सीनेट में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने रिपोर्ट पर कहा कि सत्य हमेशा सत्य ही होता है और संख्या हमेशा संख्या ही रहती है।

बाइडन की एरिजोना में 10 हजार 500 मतों से जीत हुई थी

बाइडन की एरिजोना में 10 हजार 500 मतों से जीत हुई थी। उनको मैरिकोपा काउंटी से ही रिकार्ड 45 हजार वोटों से जीत मिली थी। उस समय रिपब्लिकन बहुमत वाली राज्य सरकार की सीनेट ने वोटों की समीक्षा के निर्देश दिए थे। समीक्षा करने वालों ने अब माना है कि एरिजोना में वोटों की गिनती में कोई भी गड़बड़ी नहीं की गई है। समीक्षा करने वालों ने कहा है कि मेल मतपत्रों की गणना की जा सकती है। इन मतपत्रों के हस्ताक्षर संदिग्ध मिले हैं। उनके गलत पते से आने की संभावना है।

समीक्षा अधिकारियों ने बाइडन की जीत को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया

समीक्षा अधिकारियों ने बाइडन की जीत को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया। उन्होंने पाया कि वोटों की नई संख्या और मैरिकोपा काउंटी चुनाव अधिकारियों द्वारा आधिकारिक गणना के बीच बहुत ज्यादा का अंतर नहीं था। करेन फैन ने एरिजोना के अटार्नी जनरल को  अनियमितताओं के दावों को लेकर जांच की कार्यवाही की निगरानी का आदेश दिया था। कार्यवाही की निगरानी करने वाले चुनाव प्रशासन के विशेषज्ञों के अनुसार दावे सही साबित नहीं  हुए

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