चीन कर रहा भारत के खिलाफ पाकिस्तान के आतंकियों का इस्तेमाल, अमेरिकी रिसर्चर का दावा

भारत में आतंक फैलाने के लिए चीन पिछले काफी समय से पाकिस्‍तान को हथियार बनाकर इस्‍तेमाल कर रहा
Publish Date:Sat, 24 Oct 2020 09:42 AM (IST) Author: Tilak Raj

वॉशिंगटन, एएनआइ। चीन ने भारत के खिलाफ दो मोर्चे खोल दिए हैं। पूर्वी लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा(LAC) पर चीन ने अपनी सेना उतार दी है। वहीं, छिपकर भारत के खिलाफ आतंकियों का भी इस्‍तेमाल कर रहा है। यह दावा एक अमेरिकी रिसर्चर माइकल रुबिन ने किया है। रिसर्च में दावा किया गया है कि भारत में आतंक फैलाने के लिए चीन पिछले काफी समय से पाकिस्‍तान को हथियार बनाकर इस्‍तेमाल कर रहा है।

वाशिंगटन एग्जामिनर में लिखे एक लेख में रुबिन ने बताया कि चीन भारत के खिलाफ पाकिस्तानी आतंकियों का इस्तेमाल करता है। वहीं अपनी आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान, चीन को हथियार मानता है। रिपोर्ट में कहा गया कि हाल ही में चीनी राजदूत याओ जिंग और पाकिस्तान के विशेष वित्त सलाहकार अब्दुल हाफिज शेख की बैठक में भी सिर्फ सीपेक (चीन पाक आर्थिक गलियारे) को लेकर ही बात हुई। दोनों देशों के बीच एफएटीएफ पर कोई बातचीत नहीं हुई। इससे यह साफ है कि चीन किसी भी तरीके से पाकिस्तान संरक्षित आतंकवाद के खिलाफ नहीं है।

दरअसल, चीन संयुक्‍त राष्‍ट्र में भी पाकिस्‍तान का समर्थन करता रहा है। पाकिस्‍तान में मौजूद कई आतंकियों पर कार्रवाई होने से रोकने के लिए चीन ने अपनी वीटो पावर का इस्‍तेमाल किया। इससे जाहिर होता है कि चीन, पाकिस्‍तान समर्थित आतंकवाद का समर्थन करता है। एक बात यह भी समझने की है कि आखिर आतंकियों के पास हथियार खरीदने के लिए पैसा आखिर कहां से आता है?

पाकिस्‍तान में इन दिनों लोग भूखे मरने की स्थिति में आ गए हैं। महंगाई आसमान छू रही है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने वैश्विक मंच से यह अपील की थी कि उसके पास कोरोना वायरस संक्रमण से देशवासियों को बचाने के लिए पैसा नहीं है। ऐसे में आतंकियों को फंडिंग कहा से आती है, ये जाहिर है। इसमें कोई दो राय नहीं कि पाकिस्‍तान के आतंकवादी समूहों को ड्रैगन खुराक दे रहा है। यही बात रुबिन ने अपने शोध में साबित की है।

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