इजरायली PM बेनेट ने कहा, जहाज पर हमला ईरान की बड़ी गलती, इजरायल सबक सिखाएगा

इजरायल के प्रधानमंत्री नैटली बेनेट ने ओमान की सीमा पर इजरायली के तेल टैंकरों पर ईरान के घातक ड्रोन हमले का आरोप लगाते हुए कहा कि तेहरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है और इजरायल इसका सबक अपने तरीके से सिखाएगा।

Ramesh MishraSun, 01 Aug 2021 08:23 PM (IST)
इजरायली PM बेनेट ने कहा, जहाज पर हमला ईरान की बड़ी गलती। फाइल फोटो।

यरुशलम, एजेंसी। इजरायल के प्रधानमंत्री नैटली बेनेट ने ओमान की सीमा पर इजरायली के तेल टैंकरों पर ईरान के घातक ड्रोन हमले का आरोप लगाते हुए कहा कि तेहरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है और इजरायल इसका सबक अपने तरीके से सिखाएगा। इजरायली पीएम बेनेट ने रविवार को यह चेतावनी तब दी जब ओमान के तट पर गुरुवार की रात को हुई बमबारी में ईरान ने अपना हाथ होने से इन्कार कर दिया। ओमान के तट पर बमबारी का शिकार हुआ तेल का यह जहाज मरसर स्ट्रीट लंदन की एक कंपनी जोडियक मैरीटाइम की है जिसके मालिक इजरायली शिपिंग कारोबारी एयाल ओफेर हैं।

इजरायल का आरोप, हमला आत्मघाती ड्रोनों से कराया गया

अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। इजरायल का आरोप है कि जहाज को तहस-नहस करने के लिए हमला आत्मघाती ड्रोनों से कराया गया है। रविवार को अपनी साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में इजरायली प्रधानमंत्री बेनेट ने कहा कि उन्होंने सुना है कि ईरान अपनी इस कायराना हरकत की जिम्मेदारी लेने से बचना चाह रहा है। वह मना कर रहे हैं, लेकिन मैं पूरी तरह से इस बात की पुष्टि कर रहा हूं कि जहाज पर हमला ईरान ने ही किया है। हमारे पास इसके खुफिया एजेंसियों से मिले सुबूत हैं। हमें पता है कि ईरान को अब अपने तरीके से संदेश कैसे देना है। ईरान का यह शातिराना बर्ताव नासिर्फ इजरायल के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए घातक है। इधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खातिबजेदेह ने इस हमले में ईरान के शामिल होने के आरोपों को निराधार बताया है।

अमेरिकी नौसेना ने बताया कि ड्रोन से जहाज को निशाना बनाया

बता दें कि अरब सागर में इजरायल के तेल टैंकर पर हुए घातक हमले को लेकर अमेरिकी नौसेना ने बताया कि ड्रोन से जहाज को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी नौसेना के कहा कि अरब सागर में ओमान तट के पास तेल के टैंकर पर ड्रोन हमला किया गया है। इससे उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी अमेरिकी सेना ने शनिवार को दी है। तेल टैंकर मर्सर स्ट्रीट पर गुरुवार रात को हुआ हमला ईरान के साथ उसका परमाणु समझौते टूटने को लेकर उत्पन्न तनाव के चलते क्षेत्र में व्यावसायिक नौवहन पर कई वर्षों बाद पहला घातक हमला है।

ईरान ने प्रत्यक्ष रूप से इस हमले की जिम्‍मेदारी नहीं ली

हालांकि, इस हमले की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है, लेकिन इजरायली अधिकारियों ने ईरान पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया है। उधर, ईरान ने प्रत्यक्ष रूप से इस हमले की जिम्‍मेदारी नहीं स्वीकार किया है। खास बात यह है क‍ि यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब तेहरान पश्चिम के साथ और भी सख्त रुख अपनाने की ओर अग्रसर है। इतना ही नहीं ईरान के राष्ट्रपति के रूप में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति कट्टर समर्थन जताता दिख रहा है।

हमले में चालक दल के दो लोगों की मौत

अमेरिकी नौसेना के पश्चिम एशिया स्थित फिफ्थ फ्लीट ने शनिवार को अपने एक बयान में कहा कि परमाणु शक्ति चालित अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस रोनाल्ड रीगन और निर्देशित मिसाइल विध्वंसक यूएसएस मित्सचर अब मर्सर स्ट्रीट के सुरक्षित बंदरगाह पर पहुंचने तक उसका मार्गरक्षण कर रहे हैं। इससे एक दिन पहले ही तेल टैंकर का प्रबंधन करने वाली कंपनी ने बताया था कि हमले में चालक दल के दो लोगों की मौत हुई है, जो ब्रिटेन और रोमानिया के निवासी थे।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.