अमेरिका में कोरोना टीकाकरण के लिए सख्ती ; नौकरी के लिए लगवाना पड़ा टीका, मना करने वालों की सेवा समाप्त

कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित अमेरिका के प्रमुख शहर न्यूयार्क में टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए हर तरह के उपाय किए जा रहे हैं। टीका लगवाने से इन्कार करने पर वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी ने शीर्ष फुटबाल कोच समेत कई लोगों को हटाया।

TaniskMon, 25 Oct 2021 02:37 AM (IST)
अमेरिका में टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए हर तरह के उपाय किए जा रहे।

न्यूयार्क, न्यूयार्क टाइम्स। कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित अमेरिका के प्रमुख शहर न्यूयार्क में टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए हर तरह के उपाय किए जा रहे हैं। टीका नहीं लगवाने पर लोगों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। नौकरी जाने के डर में शिक्षकों, नर्सो और अन्य विभागों के हजारों कर्मचारियों ने टीके लगवाएं भी हैं और जिन्होंने इससे इन्कार किया उनकी नौकरी चली गई।

न्यूयार्क शहर के शिक्षा विभागों ने शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए टीकाकरण के लिए आखिरी तारीख तय कर दी थी। उस समय तक टीका नहीं लगवाने पर नौकरी से हटाने का अल्टीमेटम भी दिया था। जिन्होंने आदेश का पालन नहीं किया, उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इन्हीं में से एक शिक्षक थीं जोसेफी वाल्डेज। वाल्डेज डेढ़ लाख कर्मचारियों वाले शिक्षा विभाग के उन चार प्रतिशत कर्मचारियों में थी, जिन्होंने विभाग का आदेश नहीं माना था।

वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी ने शीर्ष फुटबाल कोच समेत कई लोगों को हटाया

यही नहीं, इसी महीने वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी ने भी वैक्सीन लगवाने से इन्कार करने पर अपने शीर्ष फुटबाल कोच और टीम स्टाफ के कई सदस्यों को बाहर कर दिया था। इसी तरह मैसेचुसेट्स में भी प्रांतीय पुलिस के 150 से ज्यादा अधिकारियों को टीका नहीं लगवाने पर अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

टीका नहीं लगवाने वालों के भी अपने-अपने तर्क

टीका नहीं लगवाने वालों के भी अपने-अपने तर्क हैं। कोई इसे व्यक्तिगत पसंद और आजादी की बात बताता है तो कोई धर्म की आड़ लेकर बचना चाहता है। कुछ लोगों ने इसको लेकर डर भी जताया है। ऐसे लोगों का कहना है कि टीका बहुत कम समय में विकसित किया गया है और उसे लगवाना जान को जोखिम में डालने से कम नहीं है।

टीकाकरण में आगे रहने के बाद पिछड़ गए अमेरिका और इजरायल

कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण में अमेरिका और इजरायल शुरुआत में बहुत आगे थे। अमेरिका ने सबसे पहले टीकाकरण शुरू किया और जुलाई तक उसने अपनी 67 प्रतिशत आबादी को टीके की पहली डोज दे दी थी। इजरायल ने भी पिछले साल दिसंबर में ही टीकाकरण शुरू कर दिया था। वह अब बूस्टर डोज भी लगा रहा है, लेकिन अरब, रूढि़वादी यहूदी और युवा इजरायलियों के बीच टीके को लेकर हिचक के चलते पिछड़ गया है। इजरायल अब तक अपनी 63 प्रतिशत आबादी का ही पूर्ण टीकाकरण कर पाया है जो दक्षिण कोरिया, इटली और 40 अन्य देशों से कम है।चीन ने दो अरब डोज से ज्यादा देने का दावा किया है। भारत ने अब तक एक अरब से ज्यादा टीके लगाए हैं। उसके बाद यानी तीसरे नंबर पर अमेरिका है और उसने अब तक 41 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए हैं।

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