एशियाई-अमेरिकी और अश्‍वेत मतदाताओं ने ट्रंप की बजाए जो बिडेन पर जताया भरोसा : सर्वे

एक सर्वे के मुताबिक, एशियाई-अमेरिकी और अश्‍वेत मतदाताओं ने जो बिडेन पर भरोसा जताया है...
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 04:11 PM (IST) Author: Krishna Bihari Singh

न्यूयॉर्क, पीटीआइ। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार अभियान जोरों पर हैं। इस बीच सर्वे भी आ रहे हैं। चुनाव से पहले किए गए एक सर्वे में आकलन है कि एशियाई, अफ्रीकी और लातिन अमेरिकी मतदाता ट्रंप के बजाए जो बिडेन को बड़ी संख्या में मतदान करना पसंद करेंगे। वहीं श्‍वेत मतदाताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर विश्‍वास जताया है। '2020 कॉपरेटिव इलेक्शन स्टडी' ने सितंबर से अक्टूबर तक 71 हजार लोगों से ऑनलाइन प्रतिक्रिया ली जिसके आधार पर यह अनुमान व्‍यक्‍त किया है।

सर्वे में पाया गया है कि संभावित मतदाताओं में से 51 फीसद बिडेन का समर्थन करते हैं जबकि 43 फीसद ट्रंप के पक्ष में हैं। जो बिडेन 18 साल से 29 साल और 30 साल से 44 साल तक के उम्र वर्ग के लोगों की पसंद हैं। वहीं 65 साल या इससे अधिक उम्र के 53 फीसद मतदाताओं ने ट्रंप पर भरोसा जताया है। सर्वेक्षण में पाया गया कि 65 फीसद एशियाई-अमेरिकी बिडेन को पसंद करते हैं जबकि इस समूह के महज 28 फीसद लोगों ने ट्रंप के प्रति अपना विश्‍वास जताया है। यही नहीं 86 फीसद अश्वेत मतदाताओं ने बिडेन पर यकीन जताया है। वहीं ट्रंप के समर्थन में महज नौ फीसदी अश्वेत मतदाता हैं।

सर्वे में पाया गया है कि लातिन अमेरिकी मतदाताओं में से 59 फीसद बिडेन के पक्ष में जबकि इनमें से महज 35 फीसद ट्रंप के पक्ष में हैं। ट्रंप के प्रति श्‍वेत मतदाताओं का भरोसा बरकरार है। सर्वे में 49 फीसद श्‍वेत मतदाताओं ने ट्रंप का समर्थन किया जबकि 45 फीसद बिडेन पर भरोसा जताया है। वहीं अमेरिकी महिलाओं का राष्‍ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कम हुआ है। 55 फीसद महिलाएं जो बिडेन के पक्ष में हैं जबकि ट्रंप को 39 फीसद महिलाओं का समर्थन ही हासिल है। यदि पुरुष वर्ग की बात करें तो बिडेन को 47 फीसद जबकि ट्रंप को 48 फीसद मतदाताओं का समर्थन है।

बेरोजगार मतदाता ट्रंप से बेहद नाराज लग रहे हैं। वह बिडेन का समर्थन कर रहे हैं। बिडेन को साल 2016 के चुनाव में हिलेरी क्लिंटन के लिए मतदान करने वाले 95 फीसद लोगों का समर्थन हासिल है जबकि ट्रंप को चार साल पहले समर्थन देने वाले 90 फीसद मतदाता इस बार भी उनके पक्ष में हैं। कुल मिलाकर यह केवल सर्वेक्षण की बात है। तीन नवंबर को होने वाले असल चुनाव में मतदाता किस पर भरोसा जताते हैं यह देखने वाली बात होगी। इस बीच 'अर्ली वोटिंग' जारी है और अब तक 8.5 करोड़ लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है।

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