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मकई की खेती करने पर विकास चंद्र को मिलेगा कृषि कर्मण सम्मान

संवाद सूत्र, कालियागंज : पश्चिम बंगाल में पहली बार आधुनिक एवं जैविक पद्धति से सफलतापूर्वक मकई(भुट्टा) की खेती करने पर राष्ट्रीय कृषक होने का सम्मान कालियागंज के कृषक विकास चंद्र बर्मन को मिला।

वैसे धान,पाट एवं दाल की खेती में देश के अन्य राज्यों के साथ साथ पश्चिम बंगाल भी अव्वल रहा है। किंतु मकई की खेती में राज्य को पहली बार स्थान मिला है। वर्तमान में धान गेहूं की खेती के विकल्प के रूप में मकई की खेती हो रही है। पहले हरियाणा,पंजाब एवं महाराष्ट्र आदि राज्यों में मकई की खेती व्यापक रूप में होती थी।अब झारखंड बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल में विशेषकर उत्तर बंगाल का इलाका मकई खेती के लिए जाना जाता है।

कृषि विज्ञान की नई दिशा जैविक पद्धति से मकई(भुट्टा)खेती के लिए राज्य में पहली बार मालदा के साथ-साथ उत्तर दिनाजपुर जिला अंतर्गत कालियागंज प्रखंड के धनकोल पंचायत अंतर्गत गणेशबाटी ग्राम के विकास चंद्र बर्मन का नाम 'कृषक राष्ट्रीय पुरस्कार' के लिए चयनित किया गया है। पूजा के बाद प्रखंड कृषि विभाग कार्यालय खुलते ही उक्त शुभ समाचार से प्रखंड के साथ-साथ जिला कृषि विभाग में उत्साह का माहौल व्याप्त है।कालियागंज प्रखंड के कृषि अधिकारी गोपाल चंद्र घोष ने बताया कि कृषक विकास चंद्र बर्मन की उपलब्धि अन्य कृषकों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहेगी। कृषक विकास वर्मन ने अपनी मेहनत एवं नई जैविक पद्धति द्वारा खेती कर राज्य भर के कृषकों को नई दिशा दिखलाई है। वो बराबर कृषि अधिकारियों और कृषी विशेषज्ञों द्वारा मिले निर्देशों का पालन करते हुए खेती करते आ रहे हैं। वह मकई ही नहीं धान जुट की भी सफलतापूर्वक खेती कर राज्य एवं जिला का कृषि क्षेत्र में गौरव बढ़ाया है। उनको 2017 में आधुनिक पद्धति से खेती करने को लेकर मास्टर ट्रेनर के रूप में केंद्रीय रिसर्च संस्था ने स्वीकृति दी। 2018 साल में प्रखंड स्तरीय कीर्ति सम्मान से नवाजा गया। 2019 साल में धान,गेहूं,पाट खेती में नई दिशा देने के लिए दो पुरस्कार राज्य की मुख्यमंत्री के हाथों फरवरी में कृषि सम्मान एवं मार्च में कृषि रत्‍‌न सम्मान के साथ नवाजे गए।वहीं वर्तमान में भारत के कृषि मंत्रालय द्वारा उन्हें कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।साथ ही उन्हें दो लाख की राशि भी प्रदान की जाएगी।उनकी उक्त उपलब्धि को लेकर जिला भर के कृषि अधिकारियों एवं कृषको में काफी उत्साह का माहौल है।

कैप्शन : कृषक विकास चंद्र बर्मन

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