बंगाल में कई महिलाओं को मिल रही हैं दुष्कर्म की धमकियां, डर के चलते नहीं करा पा रहीं शिकायतें

बंगाल में कई महिलाओं को मिल रही हैं दुष्कर्म की धमकियां, डर के चलते नहीं करा पा रहीं शिकायतें

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि बंगाल में हिंसा के बाद हालत का जायजा लेने पहुंची आयोग की एक टीम ने यह पाया है कि कई महिलाओं को दुष्कर्म की धमकियां मिला रही हैं।

Pooja SinghSat, 08 May 2021 10:27 AM (IST)

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि बंगाल में हिंसा के बाद हालत का जायजा लेने पहुंची आयोग की एक टीम ने यह पाया है कि कई महिलाओं को दुष्कर्म की धमकियां मिला रही हैं तथा वे अपनी बच्चियों को राज्य के बाहर भेजना चाहती हैं क्योंकि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने एक बयान में यह भी कहा कि पीड़िता डर की वजह से अपनी शिकायतें नहीं कह पा रही हैं।

बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद राज्य में हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। बंगाल के नंदीग्राम में महिलाओं की कथित पिटाई के वीडियो का संज्ञान लेते हुए महिला आयोग ने मंगलवार की घोषणा की थी कि उसकी एक टीम मामले की जांच के लिए राज्य का दौरा करेगी।

महिला आयोग की प्रमुख ने कहा कि आयोग की टीम कई ऐसी पीड़िताओं के बारे में पता चला है जिन्होंने हिंसा के कारण अपना घर छोड़ दिया और आश्रय गृह में रह रही हैं। टीम को सूचित किया गया कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडों द्वारा महिलाओं की पिटाई की गई तथा उनके घरों को आग लगा दी गई। उन्होंने बताया कि महिलाएं जिन आश्रय गृहों में रह ही हैं, वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है तथा इनका कहना है कि उन्हें चिकित्सा और खाने-पीने की उचित सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रही हैं।

बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हुई हिंसा के कारणों की पड़ताल करने के लिए यहां के दौरे पर आई केंद्रीय गृह मंत्रालय की चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। सुबह राजभवन में राज्यपाल के साथ लंबी बैठक में केंद्रीय टीम के सदस्यों ने हिंसा के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इसके बाद केंद्रीय टीम ने लगातार दूसरे दिन महानगर के कई इलाकों के साथ उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिले के कई हिंसा ग्रस्त स्थानों का दौरा कर पीड़ित परिवारों तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर जमीनी हालात का जायजा लिया।  इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी हिंसा को लेकर शुक्रवार को राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

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