WB Madhyamik Result 2021: माध्यमिक परीक्षा के इतिहास में पहली बार कोई फेल नहीं, पास दर 100 प्रतिशत

वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति के आधार पर माध्यमिक के नतीजे घोषित किए गए इस वर्ष कुल 1079749 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी छात्रों की तुलना में छात्राओं की संख्या है अधिक इस बार मेरिट लिस्ट प्रकाशित नहीं हुई 79 उम्मीदवारों को 700 में से 697 अंक मिले

Priti JhaTue, 20 Jul 2021 11:22 AM (IST)
माध्यमिक परीक्षा के इतिहास में पहली बार कोई फेल नहीं

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति के आधार पर मंगलवार को माध्यमिक परीक्षा 2021 के नतीजे घोषित किए गए। असामान्य परिस्थितियों में इस वर्ष पास होने की दर 100 फीसद है, जो अभूतपूर्व है। छात्राओं की पास दर छात्रों की तुलना में अधिक है। माध्यमिक शिक्षा पर्षद के अध्यक्ष कल्याणमय गंगोपाध्याय ने सुबह संवाददाता सम्मेलन कर नतीजों की घोषणा की। सुबह 10 बजे से वेबसाइट और एप पर प्राप्तांक दिखने लगा। इस वर्ष कुल 10,79,749 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी।

छात्रों की तुलना में छात्राओं की संख्या अधिक है। सब पास हो चुके हैं, यानी पास दर 100 फीसद है। पिछले साल यह 86.34 फीसद थी। इस बार मेरिट लिस्ट प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन बोर्ड के मुताबिक इस साल कुल 79 उम्मीदवारों को 700 में से 697 अंक मिले हैं। गौरतलब है कि इस साल कोरोना के कारण माध्यमिक परीक्षा रद करनी पड़ी थी। नौवीं कक्षा के अंतिम परीक्षा परिणाम और दसवीं के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर माध्यमिक के नतीजे घोषित किए गए हैं। परीक्षार्थी बाद में स्कूल से अभिभावकों के साथ मार्कशीट ले सकेंगे, हालांकि, कोविड-19 संबंधी नियमों का पालन करना होगा।

जिन वेबसाइटों पर माध्यमिक के नतीजे देखे जा सकते हैं, उनमें jagranjosh.com, www.wbbse.wb.gov.in, wbresults.nic.in, www.exametc.com इत्यादि शामिल हैं। www.exametc.com पर परीक्षार्थी का पंजीकरण नंबर और फोन नंबर पंजीकृत करने से रिजल्ट एसएमएस के जरिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आ जाएगा। इसके अलावा 'माध्यमिक परिणाम 2021' मोबाइल एप डाउनलोड करके आसानी से सीधे तौर पर नतीजा जा सकते हैं। मार्कशीट और सर्टिफिकेट गुरुवार को स्कूलों में पहुंचेंगे। बुधवार से छात्र इसे स्कूल से ले सकेंगे। यदि कोई इस परिणाम से संतुष्ट नहीं है या उसे संदेह है, तो कोविड की स्थिति सामान्य होने पर वे दोबारा परीक्षा में बैठ सकेंगे।

गौरतलब है कि इस साल कोरोना की स्थिति में न केवल बंगाल में बल्कि देशभर के विभिन्न स्कूलों में परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। केंद्रीय बोर्ड भी वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली में परिणाम देने की राह पर हैं। विभिन्न राज्यों ने भी यही तरीका अपनाया है। माध्यमिक परीक्षार्थियों को नौवीं कक्षा की अंतिम परीक्षा से 50 प्रतिशत और दसवीं की आंतरिक परीक्षा से 50 प्रतिशत अंकों के साथ कुल अंक दिए गए हैं और इस तरह कोई भी असफल नहीं हुआ। 

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