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तृणमूल की आंधी में केंद्रीय मंत्री से लेकर भाजपा के कई दिग्‍गज औंधे मुंह गिरे, कई फिल्मी सितारों की भी करारी हार

बंगाल में दो दर्जन फिल्मी सितारों व अन्य सेलिब्रिटीज की सीटों पर सभी की नजरें,

बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस की आंधी में भाजपा के कई हेवीवेट व स्टार उम्मीदवारों को भी करारी हार का सामना करना पड़ा। इसमें केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो से लेकर दो लोकसभा सांसद एक पूर्व राज्यसभा सांसद सहित कई फिल्मी सितारे हैं जो औंधे मुंह गिरे।

Priti JhaSun, 02 May 2021 10:46 AM (IST)

कोलकाता, राजीव कुमार झा। बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की आंधी में भाजपा के कई हेवीवेट व स्टार उम्मीदवारों को भी करारी हार का सामना करना पड़ा। इसमें केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो से लेकर दो लोकसभा सांसद, एक पूर्व राज्यसभा सांसद सहित कई फिल्मी सितारे हैं जो औंधे मुंह गिरे। दरअसल, पार्टी ने इस बार केंद्रीय मंत्री समेत चार सांसदों और अभिनय व खेल जगत की कई सेलिब्रिटिज पर दांव खेला था, लेकिन यह उल्टा पड़ा।

इनमें सबसे बड़ी हार का सामना केंद्रीय मंत्री व गायक बाबुल सुप्रियो को करना पड़ा। कोलकाता की टॉलीगंज सीट पर ममता सरकार में खेल मंत्री अरूप विश्वास उन्हें 50 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। वहीं, हुगली की सांसद व पूर्व अभिनेत्री लॉकेट चटर्जी को भी अपने संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत चुंचुड़ा सीट से तृणमूल के हाथों 18 हजार से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह कूचबिहार से सांसद निशिथ प्रमाणिक भी 514 वोटों से पीछे चल रहे हैं और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा का यहां इंतजार है।

वहीं, हुगली की तारकेश्वर सीट पर पूर्व राज्यसभा सांसद स्वप्न दासगुप्ता भी सात हजार से ज्यादा वोटों से हार गए। भाजपा ने जिन सांसदों को टिकट दिया था उनमें एकमात्र हुगली के राणाघाट से सांसद जगन्नाथ सरकार अपने संसदीय क्षेत्र अंतर्गत शांतिपुर से जीत दर्ज करने में कामयाबी हासिल की है। 

पूर्व भारतीय क्रिकेटर व पूर्व सेना उपप्रमुख भी हारे 

इधर, सेलिब्रिटी की बात करें तो भाजपा के टिकट पर पूर्व मेदिनीपुर की मोयना सीट से खड़े पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा को भी नौ हजार से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा।

वहीं, कोलकाता की रासबिहारी सीट पर भाजपा के टिकट पर खड़े पूर्व सेना उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा (रिटायर्ड) को भी 21 हजार से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा। 

कई अभिनेता-अभिनेत्रियों की हुई हार 

इसी तरह हाल में भाजपा से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाले बांग्ला फिल्म उद्योग के कई मशहूर अभिनेता-अभिनेत्रियों को भी हार का सामना करना पड़ा। इनमें बेहला पश्चिम सीट पर बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने अभिनेत्री श्रावंती चटर्जी को 41,608 वोटों के अंतर से हराया। बेहला पूर्व सीट पर तृणमूल की रत्ना चटर्जी से अभिनेत्री पायल सरकार भी 1337 वोटों से हार गईं।

इसी तरह कोलकाता की भवानीपुर सीट पर अभिनेता रूद्रनील घोष को भी 28 हजार से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा। रूद्रनील चुनाव से ठीक पहले ही तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। उलबेडिय़ा दक्षिण सीट पर अभिनेत्री पापिया अधिकारी भी हार गईं। इसी तरह हुगली की चंडीतल्ला सीट पर अभिनेता यशदास गुप्ता को  भी 41 हजार से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा।

एकमात्र खडग़पुर सीट पर अभिनेता हिरण चटर्जी ने जीत हासिल करने में कामयाबी हासिल की। दूसरी ओर, तृणमूल ने भी कई अभिनेता-अभिनेत्रियों पर दांव खेला था जिसमें दो को छोड़ बाकी जीतने में कामयाब रहे। 

तृणमूल छोडऩे वाले कई पूर्व मंत्रियों को भी हार का करना पड़ा सामना

चुनाव से ठीक पहले तृणमूल छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले कई पूर्व मंत्रियों व कद्दावर नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा। हावड़ा की डोमजूर सीट से 2016 के विधानसभा चुनाव में बंगाल में सबसे ज्यादा वोटों एक लाख से भी ज्यादा से जीत दर्ज करने वाले राजीब बनर्जी को 42 हजार से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा। बहुचर्चित सिंगुर में भी पूर्व मंत्री रवींद्रनाथ भट्टाचार्य 25,923 वोटों से हार गए।

सिंगुर आंदोलन में ममता के अहम साथी रहे 90 वर्षीय भट्टाचार्य टिकट नहीं मिलने पर भाजपा में हाल में शामिल हो गए थे। इसी तरह आसनसोल के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी एवं विधाननगर के पूर्व मेयर व निवर्तमान विधायक सब्यसाची दत्ता को भी हार का सामना करना पड़ा। इस सूची में कई और निवर्तमान विधायक भी शामिल हैं जो चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हुए थे, जिन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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