West bengal election:कोलकाता की सभी 51 सीटों पर जीतेगी भाजपा : शोभन चटर्जी

एक दौर में ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे कोलकाता के पूर्व मेयर और भाजपा नेता शोभन चटर्जी

एक दौर में ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे कोलकाता के पूर्व मेयर और भाजपा नेता शोभन चटर्जी ने गुरुवार को दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कोलकाता की सभी 51 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की ही जीत होगी।

Publish Date:Thu, 14 Jan 2021 09:10 PM (IST) Author: Vijay Kumar

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : एक दौर में ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे कोलकाता के पूर्व मेयर और भाजपा नेता शोभन चटर्जी ने गुरुवार को दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कोलकाता की सभी 51 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की ही जीत होगी। गुरुवार को अपनी महिला मित्र बैसाखी बनर्जी के साथ कोलकाता के हेस्टिंग्स स्थित भाजपा के चुनाव कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह दावा किया। इस समय भाजपा के कोलकाता जोन के पर्यवेक्षक चटर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लोगों का मोहभंग हो चुका है और भाजपा को चुनने के लिए बंगाल के लोग तैयार बैठे हैं। चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ेगा। चटर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान तृणमूल ने बड़े पैमाने पर बाहुबल का इस्तेमाल किया था। हालांकि उन्होंने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में यदि ऐसा होता है तो भाजपा इसका करारा जवाब देगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री पद छोड़ने के बाद मेरा फोन टैप किया गया था। इस कारण काफी समय से मेरा लोगों से संपर्क टूटा रहा।

वहीं, चिटफंड घोटाले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष के आरोपों का जवाब देते हुए चटर्जी ने कहा कि बस में अगर कोई पॉकेटमार पकड़ा जाता है तो वह दूसरों की ओर उंगली कर कहता है कि वह पॉकेटमार है। वही हाल कुणाल घोष का है। उन्होंने कहा कि घोष सारधा मीडिया के सीईओ थे और लंबे समय तक अच्छी तनख्वाह लेते रहे हैं। चिटफंड में संलिप्तता के आरोप में जेल में भी रह चुके हैं। अब दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। चटर्जी ने कहा कि चिटफंड घोटाला हुए सात साल बीत गए हैं। भारतीय जनता पार्टी में मुझे शामिल हुए भी 14 महीने हो गए। अब जाकर कुणाल घोष को ये सारी बातें याद क्यों आ रहे हैं? 

सीपीएम से भी बदतर होगी तृणमूल की दशा

इस दौरान चटर्जी ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी की हालत सीपीएम से भी बदतर होगी। उन्होंने कहा कि 2008 के पंचायत चुनाव में तत्कालीन वाममोर्चा सरकार में शामिल पार्टियां दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदनीपुर में बढ़त हासिल करने में सक्षम हुई थी। उसके बाद दक्षिण 24 परगना का तृणमूल का प्रभारी मुझे बनाया गया था और पूर्व मेदिनीपुर की जिम्मेवारी शिशिर अधिकारी को दी गई थी। अब मैं तृणमूल छोड़ चुका हूं और अधिकारी परिवार के साथ तृणमूल कांग्रेस के संपर्क पहले से ही खराब हैं। ऐसे में इस बार विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हालत माकपा से भी खराब होगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब वह प्रति सप्ताह सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को पार्टी दफ्तर में आएंगे। वहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ वह सांगठनिक बैठक भी करेंगे।

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