West Bengal Coronavirus : कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अमिताभ लाला का कोरोना से निधन

जस्टिस अमिताभ लाला ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अधिवक्ता के तौर पर अपना कर्म जीवन शुरू किया था।

2004 में कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहते उन्होंने ही कोलकाता में सभा-जुलूस पर रोक लगाने के लिए खुद से मामला दायर किया था। संक्रमित होने के बाद उनके शरीर में प्लाज्मा की कमी हो गई थी और उनकी प्लाज्मा थेरेपी होने वाली थी लेकिन इससे पहले उनका निधन हो गया।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 09:07 PM (IST) Author: Vijay Kumar

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अमिताभ लाला का कोरोना से निधन हो गया। वे 70 वर्ष के थे। उन्हें महानगर के ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास स्थित एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। कोरोना संक्रमित होने के बाद उनके शरीर में प्लाज्मा की कमी हो गई थी और उनकी प्लाज्मा थेरेपी होने वाली थी लेकिन इससे पहले ही उनका निधन हो गया। 

सेवानिवृत्ति के बाद वे कोलकाता लौट आए

जस्टिस अमिताभ लाला ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अधिवक्ता के तौर पर अपना कर्म जीवन शुरू किया था। बाद में वे कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने। उसके बाद यहां से उनका इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के तौर पर तबादला हुआ। सेवानिवृत्ति के बाद वे कोलकाता लौट आए। 

सभा-जुलूस पर रोक को खुद मामला दायर 

जस्टिस अमिताभ लाला पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हो गए थे। गौरतलब है कि 2004 में कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहते उन्होंने ही कोलकाता में सभा-जुलूस पर रोक लगाने के लिए खुद से मामला दायर किया था। दरअसल उनकी गाड़ी माकपा की तरफ से निकाले जुलूस में फंस गई थी।

माकपा नेताओं के रोष से आमना-सामना 

अदालत पहुंचकर उन्होंने कहा था कि कोलकाता जैसे महानगर में ऑफिस टाइम में सड़क रोककर आयोजित होने वाले सभा-जुलूस को बंद किया जाना चाहिए। इसे लेकर उन्हें माकपा नेताओं के रोष का भी सामना करना पड़ा था।

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