Bengal Assembly Elections 2021: तृणमूल सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री शिशिर अधिकारी का भी भाजपा के प्रति जगा प्रेम

तृणमूल सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री शिशिर अधिकारी

शिशिर अधिकारी के विस्फोटक बयान-कहा भाजपा मैदान में हैं और आगे भी भी है-तृणमूल के ही नेता ही मुझ पर बोल रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी व सौमेंदु अधिकारी के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री शिशिर अधिकारी का भी भाजपा के प्रति प्रेम जाग रहा है।

PRITI JHAThu, 04 Mar 2021 09:59 AM (IST)

कोलकाता, राज्य ब्यूरो।  सुवेंदु अधिकारी व सौमेंदु अधिकारी के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिशिर अधिकारी का भी भाजपा के प्रति प्रेम जाग रहा है। पुत्र सुवेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के बाद से शिशिर अधिकारी का तृणमूल कांग्रेस से दूरी बढ़ती जा रही थी। परंतु, वह अपनी पार्टी के खिलाफ अपना मुंह नहीं खोले थे। लेकिन अब पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी से सांसद शिशिर अधिकारी ने अपना मुंह खोल और विस्फोटक बयान दिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा मैदान में है और आगे भी है। मुझ पर और मेरे परिवार जिस निकृष्ट भाषा में हमला मेरी ही पार्टी के लोग कर रहे हैं वैसा तो दुश्मन तक ने अब तक नहीं किया था। वाम-कांग्रेस के नेताओं ने भी ऐसी बातें नहीं बोली जो मुझे तृणमूल के नेताओं से सुनने को मिल रही हैं। ऐसी भाषा सुनने को मिलेगी यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी।

शिशिर ने सुवेंदु पर हो रहे हमले को लेकर भी किया सवाल

-शिशिर ने अपने बेटे भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी पर हो रहे हमले को लेकर भी सवाल किया। साथ ही कहा कि यदि इसी तरह से हमले होते रहे तो इसका प्रतिघात भी होगा। कांथी के सांसद ने कहा कि मैं इससे राजनीतिक रूप से निपटूंगा। उनसे जब उनकी वर्तमान राजनीतिक स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह तो तृणमूल कांग्रेस भी बता सकती है। भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे अभी तक ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला है। इस बार ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ रही हैं। सुनने में आ रहा है कि उस सीट पर सुवेंदु अधिकारी भाजपा के उम्मीदवार होंगे। इसे लेकर शिशिर कुछ नहीं बोले, पर कहा कि पूरे राज्य में मैदान में अधिक भाजपा दिख रही है। तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने शिशिर के बयान पर कहा कि मैं शिशिरबाबू का सम्मान करता हूं, उनके द्वारा कहे गए शब्द निराधार हैं और कुछ विसंगतियां हैं।

सुवेंदु के भाजपा में शामिल होने के बाद से ही शिशिर और उनके एक और सांसद पुत्र दिव्येंदु की तृणमूल से दूरी बढ़ी हुई है। सत्तारूढ़ दल में अटकलें हैं कि सांसद पिता-पुत्र (शिशिर-दिव्येंदु) भी जल्द भाजपा में भी शामिल हो सकते हैं। 

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