कोलकाता नगर निगम चुनावों में टीएमसी सूपड़ा साफ करेगी : फिरहाद हकीम

फिरहाद हकीम का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस विधानसभा चुनाव में मिली जीत की गति को बरकररार रखते हुए आगामी कोलकाता नगर निगम चुनावों के रास्ते में आने वाली चुनौतियों को पार कर लेगी। टीएमसी 144 सदस्यीय नगर निकाय में 135-140 वार्ड में जीत हासिल करने को आश्वस्त है।

Babita KashyapPublish:Thu, 02 Dec 2021 10:07 AM (IST) Updated:Thu, 02 Dec 2021 10:07 AM (IST)
कोलकाता नगर निगम चुनावों में टीएमसी सूपड़ा साफ करेगी : फिरहाद हकीम
कोलकाता नगर निगम चुनावों में टीएमसी सूपड़ा साफ करेगी : फिरहाद हकीम

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। महानगर के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने अगले कुछ वर्षों के लिए शहर के विकास की दृष्टि साझा करते हुए कहा है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधानसभा चुनाव में मिली जीत की गति को बरकररार रखते हुए आगामी कोलकाता नगर निगम (केएमसी) चुनावों के दौरान अपने रास्ते में आने वाली चुनौतियों से पार पा लेगी।

वार्ड संख्या 82 से चुनाव जीतने को लेकर आश्वस्त, हकीम ने यह भी कहा कि चक्रवात के प्रभावों से निपटने के लिए शहर को बेहतर तरीके से तैयार करने को लेकर एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया जाएगा। राज्य के परिवहन मंत्री ने कहा कि शहर के लिए उनकी 10 सूत्री कार्ययोजना में अपशिष्ट जल प्रबंधन को बेहतर बनाना और हर घर को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के अलावा पर्यावरण से जुड़े मुद्दों का हल करना भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि टीएमसी 144 सदस्यीय नगर निकाय में 135-140 वार्ड में जीत हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सांप्रदायिक राजनीति कोई नतीजा नहीं देगी जैसा कि इस साल की शुरूआत में विधानसभा चुनाव के दौरान देखने को मिला था।

मंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान साम्प्रदायिक विमर्श को बढ़ावा देने की भाजपा की आदत है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी हमने देखा था कि उसने सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की थी लेकिन मुझे स्पष्ट कर देने दीजिए कि इस बार भी भगवा पार्टी को शिकस्त मिलेगी। वह शहर के प्रथम मुस्लिम मेयर रह चुके हैं। शोभन चटर्जी के मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने दिसंबर 2018 में यह पदभार संभाला था। उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विश्वस्त सहयोगी माना जाता है। यह पूछे जाने पर कि टीएमसी ने मेयर पद के लिए कोई चेहरा क्यों नहीं पेश किया, उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को करना है।