अलापन बंद्योपाध्याय को फिर नोटिस भेजे जाने से विफरीं तृणमूल, कहा- प्रतिशोध की राजनीति बंद करे केंद्र

हाल में सेवानिवृत्त हुए बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय को केंद्र की ओर से फिर नोटिस भेजे जाने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू किए जाने के कदम की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मंगलवार को कड़ी निंदा करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला।

Vijay KumarTue, 22 Jun 2021 05:55 PM (IST)
हाल में सेवानिवृत्त हुए बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : हाल में सेवानिवृत्त हुए बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय को केंद्र की ओर से फिर नोटिस भेजे जाने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू किए जाने के कदम की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मंगलवार को कड़ी निंदा करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला। टीएमसी के वरिष्ठ सांसद व प्रवक्ता सौगत राय ने इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार आसन्न विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बंगाल के साथ प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। उन्होंने केंद्र से प्रतिशोध की ऐसी शर्मनाक हरकतों को बंद करने की मांग की।

तृणमूल भवन में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए राय ने दावा किया कि पूर्व मुख्य सचिव ने नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया है और अब वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लिहाजा उनके खिलाफ इस तरह आपदा प्रबंधन अधिनियम नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि हमें मीडिया के जरिए पता चला है कि कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से बंद्योपाध्याय को नोटिस भेजा गया है।

तृणमूल सांसद ने कहा कि यह विभाग पीएम के अधीन है और उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी के ही इशारे पर यह सब कार्यवाही हो रही है। उन्होंने इस बात पर खेद जताया कि पिछले सप्ताह ही पूर्व मुख्य सचिव की मां का निधन हो गया है, ऐसे समय में केंद्र सरकार इस तरह की निष्ठुर कार्यवाही कर रही है।राय ने कहा कि यह सब बंगाल सरकार के साथ प्रतिशोध के तहत राज्य प्रशासन के अधिकारियों को हतोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता सब देख रही है कि किस तरह एक बंगाली अधिकारी जिन्होंने ईमानदारी से अपने सेवाकाल में लोगों की सेवा की, उन्हें अपमानित किया जा रहा है। बंगाल के लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि पूर्व मुख्य सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए जो नोटिस भेजा गया है यह पूरी तरह से गैर कानूनी है।

उन्होंने कहा कि जब बंद्योपाध्याय सेवानिवृत्त हो गए हैं तो उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती, क्योंकि यह वित्तीय धोखाधड़ी आदि से जुड़ा मामला नहीं है।उन्होंने केंद्र से इस नोटिस को तुरंत वापस लेने की मांग की। साथ ही कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार को बंगाल की जनता की राय को स्वीकार करना चाहिए, जिन्होंने ममता बनर्जी को प्रचंड बहुमत दिया है।

बता दें कि केंद्र के कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग द्वारा पीएम की बैठक में शामिल नहीं होने के लिए अलापन को फिर से एक नोटिस भेजा गया है। इसमें ममता बनर्जी के सलाहकार के रूप में काम कर रहे अलापन से 30 दिन के भीतर अपना जवाब देने को कहा गया है, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

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