West Bengal Election 2021: बंगाल में आठ चरणों में चुनाव पर टीएमसी ने जताई आपत्ति, भाजपा ने किया स्वागत

बंगाल में आठ चरणों में चुनाव पर टीएमसी ने जताई आपत्ति, भाजपा ने किया स्वागत। फाइल फोटो

West Bengal Assembly Election 2021 बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराए जाने के आयोग के फैसले पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की हैं। भाजपा ने जहां चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया है वहीं सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

Sachin Kumar MishraFri, 26 Feb 2021 09:40 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। West Bengal Assembly Election 2021: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी। राज्य में आठ चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराए जाने के आयोग के फैसले पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की हैं। भाजपा ने जहां चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया है, वहीं सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं, कांग्रेस व वाममोर्चा ने मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आठ चरणों पर चुनाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, भाजपा ने राज्य में चुनाव आयोग से शांतिपूर्ण चुनाव कराने की मांग की है।

जानें, किसने क्या कहा

राज्य की मौजूदा कानून व व्यवस्था को देखते हुए ही चुनाव आयोग ने राज्य में विधानसभा चुनाव आठ चरणों में कराने का एलान किया है। चुनाव को लेकर भाजपा पूरी तरह से तैयार है। आठ चरणों में चुनाव कराए जाने के आयोग के फैसले का तृणमूल कांग्रेस इसलिए विरोध कर रही है, क्योंकि वह राज्य में लोकतंत्र का हनन करना चाहती है और सत्तारूढ़ दल का बस चले तो वह राज्य में चुनाव होने ही नहीं दें।

- जय प्रकाश मजूमदार, प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष।

बंगाल में आठ चरणों में मतदान से लोगों को होगी परेशानीः सौगत राय

असम में 126 विधानसभा सीटें हैं, जबकि तमिलनाडु में 234 सीटें। असम में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में कराए जायेंगे और तमिलनाडु में एक ही चरण में चुनाव होगा, लेकिन बंगाल में आठ चरणों में मतदान होंगे। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटें हैं। विधानसभा सीटों की संख्या की तुलना की जाए तो तमिलनाडु और बंगाल में कितना फर्क है? करीब एक महीने तक मतदान होंगे, जिससे यहां के लोगों को परेशानी होगी। वह व्यक्तिगत तौर पर आठ चरणों में चुनाव कराने के आयोग के फैसले को सही नहीं मान रहे हैं।

- सौगत राय, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद व प्रवक्ता।

हिंसा का माहौल व्याप्त नहीं होः प्रदीप भट्टाचार्य

राज्य में आठ चरणों में चुनाव होंगे, लेकिन असली मुद्दा है कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण हों। राज्य के लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएं, यह चुनाव आयोग सुनिश्चित करे। चुनाव के पहले हिंसा का माहौल व्याप्त नहीं हो, इसके लिए आयोग को सटीक कदम उठाने होंगे।

- प्रदीप भट्टाचार्य, वरिष्ठ कांग्रेस नेता।

चुनाव निष्पक्ष व शांतिपूर्ण होंगे चुनावः मोहम्मद सलीम

आठ चरणों में मतदान कराने का यह मतलब नहीं है कि चुनाव निष्पक्ष व शांतिपूर्ण होंगे। इसके लिए चुनाव आयोग को और सक्रिय भूमिका अदा करनी होगी। राज्य के लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएं, आयोग को यह सुुनिश्चित करना होगा। राज्य में हुए पिछले पंचायत चुनाव में हुई हिंसा और वोट लूट से सभी वाकिफ हैं। ऐसे में मतदाता भयमुक्त हों, यह माहौल तैयार करना जरूरी है। आठ चरणों में चुनाव कराने का फैसला राज्य सरकार पर तमाचा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां कानून व व्यवस्था की स्थिति क्या है।

- मोहम्मद सलीम, माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य व पूर्व सांसद।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.