सिलीगुड़ी में एक दिन में तीन अग्निकांड, करोड़ों का नुकसान; दो कार भी स्वाहा

सिलीगुड़ी, जेएनएन। सिलीगुड़ी महकमा इलाके में एक ही दिन तीन-तीन स्थानों पर भयावह आग से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। गनीमत यह रही कि किसी की जान नहीं गई। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि दो स्थानों पर एक ही समय बुधवार सुबह करीब 9 बजे आग लगी। आग लगने की दो घटना सिलीगुड़ी शहर के बीचोंबीच तो तीसरी घटना माटीगाड़ा इलाके में हुई।

मिली जानकारी के अनुसार शहर के वार्ड 15 स्थित हाकिमपाड़ा स्वामी जी सरणी रोड स्थित गौतम दत्त व आनंद जायसवाल के खिलौना व रेडीमेड कपड़ा गोदाम तथा घर में बुधवार सुबह अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने खतरनाक रूप ले लिया। लाखों रूपये के खिलौने व रेडीमेड कपड़े धू-धू कर जलने लगे। आग में दो कार भी जल गई। आग की चपेट में घर के अंदर रखी एक कार व गोदाम के बाहर खड़ी नई कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई।

आग पर काबू पाने के लिए एक के बाद एक लगातार चार- चार दमकल गाड़ियां पहुंची। चार घंटे के कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाना संभव हुआ। इस दौरान राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव, टीएमसी नेता सह वार्ड पार्षद नांटू पाल, नगर निगम के विरोधी दल नेता सह टीएमसी के जिलाध्यक्ष रंजन सरकार उर्फ राणा, कांग्रेस नेता सह वार्ड पार्षद सुजय घटक, दो नंबर बोरो चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल उर्फ कालू, डिप्टी मेयर रामभजन महतो, भाजपा नेता अभिजीत राय चौधरी, राजू साहा समेत बड़ी संख्या में क्लब व व्यवसाय से जुड़े लोग पहुंच गए।

खिलौना गोदाम व घर के मालिक गौतम दत्त और उनकी पत्नी उमा दत्त का बुरा हाल था। दत्त ने बताया कि कम से कम 10 से 14 लाख रूपये का खिलौना गोदाम में था। स्थानीय लोग उनकी पत्नी को संभालने में लगे थे। इसी प्रकार आनंद जायसवाल ने बताया कि वे सुबह करीब साढ़े आठ बजे यहां पहुंचे थे। गोदाम देखने के बाद कार को खड़ी कर गौरी शंकर मार्केट स्थित अपनी दुकान की ओर गये थे। तभी अचानक खबर मिली की गोदाम में आग लग गई है। जबतक यहां पहुंचे तबतक तो सबकुछ खत्म हो गया था। पास के कमरे से स्थानीय दुकानदारों ने कुछ कपड़ों को सुरक्षित निकाला है।

अग्निकांड वाले मकान के ठीक पास रहने वाले डाक्टर कृष्णेंदू दे ने बताया कि सुबह के ठीक नौ बजे थे। वे बाथरूम में थे तभी आग लगने का शोर मचा। बाहर निकलकर देखा तो आग गौतम दत्त के घर के बरामदे में लगी थी। पाइप के माध्यम से आग पर काबू पाने की कोशिश भी की परंतु आग तेजी से फैल गई। दमकल और पुलिस को जानकारी दी गई। करीब 40 मिनट बाद दमकल की कई गाड़ियां पहुंची और आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

सिलीगुड़ी थाना के आइसी सुदीप भट्टाचार्य ने कहा कि जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि आग कैसे लगी। मंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के सामने स्थानीय लोगों ने रिहायशी इलाके में गोदाम व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने की मांग की। ऐसा नहीं होने से जान माल का बड़ा नुकसान होगा।

दमकल कर्मचारियों की कड़ी मेहनत से आग पर काबू पाना संभव हो सका। एक बड़ी अनहोनी टल गई। इस प्रकार की घटना आगे ना हो, इसके लिए आवश्यक उपाय करने की जरूरत है। जहां तक गोदाम व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की बात है उसे देखना नगर निगम का काम है।

-गौतम देव, पर्यटन मंत्री

आग काबू में आना, राहत की बात है। इस प्रकार से रिहायशी इलाके में प्रतिष्ठान व गोदाम को लेकर नगर

निगम को लगातार अभियान चलाना होगा। कैसे इनलोगों को ट्रेड लाइसेंस मिला,

इसकी भी जांच होनी चाहिए। 

-राणा सरकार, तृणमूल जिला अध्यक्ष

गोदाम के मालिकों की दुकान उनके वार्ड में स्थित है। सभी को वे बहुत अच्छी तरह पहचानते हैं। आग बुझाने के लिए जिस प्रकार से व्यवसायियों ने तत्परता दिखाई है, उसकी सराहना करनी होगी। नगर निगम पूरी तरह फेल है। 

-नांटू पाल, वार्ड पार्षद

 माटीगाड़ा में थर्मोकोल कारखाना जलकर खाक

माटीगाड़ा थानान्तर्गत खपरैल रोड इलाके में स्थित एक थर्माकोल कारखाने में आग लगने से चारों ओर खलबली मच गई। खपरैल रोड से थोड़ी दूरी पर बानियाखारी में यह कारखाना है। आग में कारखाना पूरी तरह से जलकर राख हो गया है। खबर मिलते ही माटीगाड़ा से दमकल की दो इंजन मौके पर पहुंची।

सालूगाड़ा से भी दमकल के एक इंजन को मंगाया गया। तीनों इंजनों ने 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू में किया। आग में एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। प्राथमिक जांच के अनुसार शार्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 9 बजे थर्मोकोल की एक पैकिंग बॉक्स में आग लगी। देखते ही देखते आग ने भयावह रूप ले लिया। पहले कारखाने में मौजूद अग्निशमन व्यवस्था से आग बुझाने की कोशिश की गई। लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली।

थर्मोकोल अत्यंत ही ज्वलनशील पदार्थ है। देखते ही देखते आग ने पूरे कारखाने को अपने कब्जे में ले लिया। तुरंत इसकी सूचना माटीगाड़ा पुलिस के साथ-साथ दमकल को दी गई। जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचती,तब तक कारखाना पूरी तरह से जलकर खाक हो चुका था। आग लगने के बाद आसपास के इलाके में खलबली मच गई। कारखाने के आसपास स्थित घरों के लोग अपने-अपने घरों से कीमती सामान निकालने लगे। स्थिति से निपटने के लिए माटी गढ़ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। यहां काम करने वाली महिला श्रमिकों का कहना है कि वह लोग सुबह 8 बजे काम पर आ गई थीं काम शुरू भी हो गया था। तभी एक जाली में आग लगी। सबने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। आग भड़कते ही यहां काम करने वाले सभी श्रमिक जान बचाकर बाहर भागे।

कारखाना मालिक गोविंदराम अग्रवाल का कहना है कि यहां धूम्रपान पूरी तरह से निषेध है। अग्निशमन की भी तमाम व्यवस्था की गई थी। संभवत: शार्ट सर्किट के कारण आग लगी है। उन्होंने आगे बताया कि यहां थर्मोकोल से पैकिंग बॉक्स तैयार होता है।

देर शाम आग लगने की तीसरी घटना

शहर में दिनभर अग्निकांड की आग अभी शांत भी नहीं हुई थी तभी बुधवार शाम देशबंधुपाड़ा के एपीसी सरणी स्थित एक मकान के उपरी मंजिल में आग लग गयी। दमकल की दो गाड़ियां वहां पहुंची और बंद घर का दरवाजा तोड़ आग पर काबू पाया। आग से घर में रखे ज्यादातर सामान जल गये है। घर के मालिक श्याम लाल अग्रवाल काठमांडु में रहते हैं। उसके आने के बाद ही पता चल पाएगा कि कितने का नुकसान

हुआ है।

 माता वैष्णो देवी आ रहे हैं तो देर न करें, दिखेगा ये खूबसूरत नजारा

 दमकल व पुलिस की ओर से बताया गया कि शाम को स्थानीय लोगों ने घर से धुंआ निकलते देखा। दमकल और पुलिस को जानकारी दी गयी। पुलिस और दमकल की टीम पहुंची और आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों का कहना है कि आग लगने का कारण शार्ट सर्किट हो सकता है। अग्निकांड की दिनभर की घटना के बाद से शहर के लोग जहां भयभीत है वहीं दमकल और पुलिस चौकस है। 

  अयोध्या फैसले पर पुरी के शंकराचार्य ने जताया एतराज, कही ये बड़ी बात

 

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.