West Bengal: स्कूल खोलने के फैसले का शिक्षा जगत ने किया स्वागत, जिलों में तत्परता शुरू

अगले महीने 16 नवंबर से स्कूल-कालेज खुलने की घोषणा के बाद से ही जिलों में तत्परता शुरू हो गयी है। स्कूलाें में साफ सफाई से लेकर अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं। करीब 20 महीनों से स्कूल बंद हैं।

Priti JhaWed, 27 Oct 2021 09:47 AM (IST)
स्कूल खोलने के फैसले का शिक्षा जगत ने किया स्वागत

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। 16 नवंबर से स्कूल-कालेज खोलने के सरकार के फैसले का शिक्षा जगत में स्वागत किया है। विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने सीएम के फैसले का स्वागत किया है। लंबे समय के बाद एक बार फिर से शिक्षण संस्थानों को खोलने की तैयारी की जा रही है। कक्षा 9 से यूनिवर्सिटी तक पढ़ाई आफलाइन शुरू होगी।

कलकत्ता विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर सोनाली चक्रवर्ती बंद्योपाध्याय ने बताया कि हायर एडुकेशन के आर्डर का सम्मान करते हुए इसे स्वीकारते हैं। हमलोग काफी पहले से ही कोविड काल को ध्यान में रखकर तैयारी शुरू कर चुके हैं। नियमित कक्षाओं में सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। नियमित रूप से साफ-सफाई हाेती है। प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर अनुराधा लोहिया ने भी इस घोषणा का स्वागत किया है।

उन्होंने कहा कि अभी तक आर्डर नहीं मिला है कि किस प्रारूप में शिक्षण संस्थान खुलेंगे। हमलोग आर्डर आने का इंतजार कर रहे हैं। बहरहाल, लंबे समय के बाद एक बार फिर से शिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा का हमलोग स्वागत करते हैं। जादवपुर विश्वविद्यालय के वीसी सुरंजन दास ने कहा कि काफी समय बाद स्कूल कालेज खुलने जा रहे हैं। यह अच्छा फैसला है। साथ ही हमें सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर हम सभी कोविड नियमों को मानकर आगे बढ़ते हैं तो सब ठीक होगा। इसमें सभी की सहयोगिता जरूरी होगी।

जिलों में तत्परता शुरू

-अगले महीने 16 नवंबर से स्कूल-कालेज खुलने की घोषणा के बाद से ही जिलों में तत्परता शुरू हो गयी है। स्कूलाें में साफ सफाई से लेकर अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं। करीब 20 महीनों से स्कूल बंद हैं। ऐसे में जिन स्कूलों में कुछ मरम्मत कार्य की जरूरत है, उसे भी समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

एक डीआइ ने बताया कि हमलोग लगातार ही स्कूलों में सफाई पर विशेष ध्यान दे रहे थे मगर अब जब औपचारिक रूप से यह घोषणा हो गयी है तो अब हमें काम में और तेजी लानी होगी। उनके दायित्व के अधीन करीब 400 स्कूल हैं। कई स्कूलों में बेंच टूटे हुए हैं तो कई में अधिक सैनिटाइजेशन करने की आवश्यकता है। एक शिक्षक ने बताया कि जब अभिभावक स्कूल में मिड डे मील लेने आते हैं तो उनसे बातचीत की जाती रही है कि कभी भी स्कूल खुल सकते हैं। ऐसे में अब इस घोषणा से ज्यादातर अभिभावकों में खुशी है। 

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