West Bengal : नदी में वर्षों पहले बह गया बेटा मिला बिहार में, पता चलने के बाद भी मां उसे नहीं ला पा रही घर

मां बंगाल में और वर्षों पहले खोया बेटा बिहार में।

मां बंगाल में और वर्षों पहले खोया बेटा बिहार में। बेटे का पता चलने के बाद भी मां उसे घर नहीं ला पा रही है। राह में कई कानूनी अड़चनें हैं। हावड़ा के फूलबाजार इलाके की रहने वाली का बेटा नदी में नहाते वक्त बह गया था।

Publish Date:Wed, 02 Dec 2020 02:44 PM (IST) Author: Preeti jha

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। मां बंगाल में और वर्षों पहले खोया बेटा बिहार में। बेटे का पता चलने के बाद भी मां उसे घर नहीं ला पा रही है। राह में कई कानूनी अड़चनें हैं। हावड़ा के फूलबाजार इलाके की रहने वाली का बेटा नदी में नहाते वक्त बह गया था। कई साल बाद पटना के सफीना नामक बाल गृह में उसके होने का पता चला है। बेटे की उम्र अब 13 साल हो गई है। बाल गृह में वह पिछले डेढ़ साल से रह रहा है।

बाल गृह के प्रमुख समीर कर्मकार ने बताया-'बच्चे का चेन्नई के एक होटल से उद्धार कर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेश पर हमारे बालगृह में रखा गया था। बच्चे का नाम बालगृह के रजिस्टर पर पुलिस ने आर्यमान लिखवाया था। बच्चे कोअपना पिछला ज्यादा कुछ याद नहीं है। उसने मुझे इतना ही बताया कि उसके माता-पिता हावड़ा के गंगाघाट की सीढिय़ों पर फूल बेचते थे। गंगा में नहाने के दौरान वह पानी में बह गया था।

एक व्यक्ति ने उसकी जान बचाई थी और वह उसे अपने घर ले गया था। कुछ समय तक वह उसी के साथ रहा। उसके बाद वह उसे चेन्नई ले गया और वहां के एक होटल में काम कर लगाकर चला गया। उस होटल में उसके साथ पटना के कई बच्चे भी काम करते थे। एक दिन पुलिस ने छापामारी कर सभी बच्चों का उद्धार किया और उन्हें पटना ले लाई। इस तरह से वह इधर पहुंचा है।

समीर कर्मकार ने इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने हैम रेडियो की मदद से बच्चे की मां रानी सर्दार को ढूंढ निकाला। उनकी एक बेटी भी है। पिता रमेश सर्दार की कुछ साल पहले ही मौत हुई है।

हैम रेडियो से जुड़े अंबरीश नाग विश्वास ने बताया कि रानी को जब आर्यमान की तस्वीर दिखाई गई तो वह बिलखने लगी। उसने अपने बेटे का नाम हालांकि नीलांजन बताया। दूसरी तरफ आर्यमान को रानी की तस्वीर देखकर पर वह भी उन्हें पहचान नहीं पाया। नाम नहीं मिलने व बेटे के मां को पहचान नहीं पाने के कारण मामला उलझ गया है। प्राथमिक तौर पर अनुमान है कि जिस व्यक्ति ने बच्चे को डूबने से बचाया था, संभवत: उसी ने उसका नाम बदलकर आर्यमान रख दिया। बहरहाल, इस मामले में बहुत सी कानूनी अड़चनें हैं। पता चला है कि दोनों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। 

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