खरी खोटी सुना रूपा गांगुली ने बीच में छोड़ी भाजपा की सांगठनिक बैठक, कहा-ऐसी बैठकों में मुझे बुलाते क्यों हो?

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई में अंदरूनी तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। अब राज्य समिति में शामिल राज्यसभा सदस्य रूपा गांगुली ने वर्चुअल बैठक के दौरान सरेआम नाराजगी जाहिर करते हुए बैठक छोड़ दी है।

Vijay KumarWed, 01 Dec 2021 04:55 PM (IST)
राज्यसभा सदस्य रूपा गांगुली ने वर्चुअल बैठक के दौरान सरेआम नाराजगी जाहिर करते हुए बैठक छोड़ दी

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : विधानसभा चुनाव में शिकस्त के बाद अब निकाय चुनाव में पैर जमाने की कोशिश में जुटी भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई में अंदरूनी तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। अब राज्य समिति में शामिल राज्यसभा सदस्य रूपा गांगुली ने वर्चुअल बैठक के दौरान सरेआम नाराजगी जाहिर करते हुए बैठक छोड़ दी है। दरअसल, कोलकाता के सभी 144 वार्डों में उम्मीदवारों की घोषणा के बाद भाजपा की पहली बार मंगलवार रात पार्टी की सांगठनिक बैठक वर्चुअल जरिए से हुई थी।

इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष, सांगठनिक महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती और अन्य नेता उपस्थित थे। इसी दौरान बैठक के बीच में ही रूपा गांगुली बोल पड़ीं और तीखी नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी बैठकों में मुझे बुलाते क्यों हैं। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की कॉल डिसकनेक्ट कर बैठक से बाहर हो गईं। रूपा ने किस वजह से नाराजगी जताई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

रूपा गांगुली का फोन भी बुधवार सुबह से ही बंद है, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं साधा जा सका है। प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताओं ने बताया है कि उनके इस बर्ताव की शिकायत केंद्रीय नेतृत्व से की जाएगी।अचानक गांगुली के इस तरह से बोलने और बैठक में सभी नेताओं के सामने तीखी नाराजगी जताए जाने से पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है।

टिकट बंटवारे को लेकर हैं नाराज

-हालांकि रूपा के करीबी सूत्रों ने बताया है कि टिकट बंटवारे को लेकर वह नाराज हैं। मंगलवार को उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा था। इसमें वार्ड नंबर 86 की पूर्व भाजपा पार्षद तीस्ता विश्वास की हाल ही में सड़क दुर्घटना में मौत को लेकर सवाल खड़ा किया था। उन्होंने तीस्ता के पति गौरव विश्वास को टिकट नहीं दिए जाने को लेकर नाराजगी जताई थी और आश्वस्त किया था कि उनकी जितनी क्षमता है, वह गौरव के साथ खड़ी रहेंगी।

खास बात यह है कि विश्वास लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय थीं और उनके निधन के बाद उनके पति के बजाय किसी अन्य नेता को भाजपा ने टिकट दिया है। नाराज होकर गौरव ने भी निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है। माना जा रहा है कि इसी नाराजगी की वजह से रूपा गांगुली ने संगठन की बैठक में उक्त बातें कही हैं।

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