तीन साल की बच्ची की नृशंस हत्या मामले में पुरुलिया कोर्ट ने मां और उसके प्रेमी को सुनाई फांसी की सजा

बंगाल के पुरुलिया जिले में तीन साल की बच्ची की सुई से छेदकर नृशंस हत्या के मामले में दोषी मां मंगला और उसके प्रेमी सनातन को पुरुलिया फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। घटना के बाद बच्ची की मां और उसका प्रेमी उत्तर प्रदेश में छिप गए थे।

Vijay KumarTue, 21 Sep 2021 08:00 PM (IST)
हत्या मामले में पुरुलिया कोर्ट ने मां और उसके प्रेमी को सुनाई फांसी की सजा

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल के पुरुलिया जिले में तीन साल की बच्ची की सुई से छेदकर नृशंस हत्या के मामले में दोषी मां मंगला और उसके प्रेमी सनातन को पुरुलिया फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को फांसी की सजा सुनाई। 2016 में हुई इस नृशंस हत्याकांड की घटना के बाद बच्ची की मां मंगला और उसका प्रेमी सनातन भागकर उत्तर प्रदेश में छिप गए थे। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।बीते शुक्रवार को इस मामले में न्यायाधीश रमेश कुमार प्रधान की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए फैसले को सुरक्षित रख लिया था।

अदालत ने कहा था कि वह अनुकरणीय सजा देगी। वहीं, फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि जहां मां की गोद बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित जगह मानी जाती है। वहीं, साढ़े तीन साल की बेटी को मां से खतरा पैदा हुई। एक मां के रूप में मंगला अपने बच्चे की रक्षा करने में विफल रही। यहां तक ​​कि उसका प्रेमी बच्ची का यौन शोषण भी करता था। अदालत ने इस हत्याकांड को जघन्य बताते हुए फांसी की सजा का आदेश दिया।

पुलिस ने साल 2016 में ही दायर की थी चार्जशीट

बता दें कि यह घटना जुलाई, 2016 में सामने आई थी। पुरुलिया थाने की पुलिस ने 12 सितंबर 2016 को कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। चार साल की लंबी सुनवाई के बाद 18 सितंबर को दोनों को दोषी करार दिया गया था। बता दें कि बच्ची की हत्या की घटना के बाद कुछ लोगों ने इसे काला जादू तो कुछ लोगों ने यौन विकृतियों के शिकार की बात कही थी। सनातन पर चार्जशीट में 2012 पोक्सो एक्ट की धारा 37, धारा 327 के तहत दुष्कर्म, शारीरिक और मानसिक शोषण, धारा 306 के तहत हत्या का प्रयास और धारा 302 के तहत हत्या का आरोप लगाया गया था। घटना के बाद सनातन उत्तर प्रदेश भाग गया था। पुलिस ने उसे 22 जुलाई 2016 को वहां से गिरफ्तार किया था।

सनातन कीर्तन और ओझा का करता था काम

ज्ञात है कि महिला का प्रेमी सनातन पुरुलिया व बांकुड़ा जिले के विभिन्न गांवों में कीर्तन और ओझा का काम करते थे। बच्ची की माता मंगला से सनातन की मित्रता थी। पति को छोड़कर मंगला अपनी बच्ची को लेकर सनातन के घर रहने लगी थी। मंगला को अपनी बच्ची पसंद नहीं थी। आरोप है कि उन्होंने सनातन के साथ मिलकर बच्ची को अश्‍लील टाय की तरह इस्तेमाल किया और काले जादू का अभ्यास किया। पुलिस को पूछताछ में यह सारी जानकारी मिली थी।

अस्पताल में बच्ची के भर्ती होने के बाद हुआ था खुलासा

बच्ची को सर्दी-खांसी की शिकायत पर पुरुलिया के देबेन महतो सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन चिकित्सा के दौरान डाक्टरों ने जब जांच की, तो चौंक गए थे। उसके पूरे शरीर पर घाव, छाती के पास सूजन, हाथ-पैरों में सूजन, यहां तक ​​कि जननांगों पर भी गहरे घाव के निशान पाए गए थे। बच्ची का एक्स-रे किया गया तो उसके शरीर के अंदर सात बड़ी सुइयां दिखाई दी थी। बच्चा का यौन उत्पीड़न भी किया गया था। बाद में उसकी मौत हो गई थी।

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